वाशिंगटन, 15 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्यारे दोस्त 'बीबी' यानी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को 'सख्त' इंसान बताया है। एक साक्षात्कार में उन्होंने ये भी दावा किया कि अगर परमाणु समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर हमले फिर हो सकते हैं।
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वाशिंगटन, 15 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्यारे दोस्त 'बीबी' यानी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को 'सख्त' इंसान बताया है। एक साक्षात्कार में उन्होंने ये भी दावा किया कि अगर परमाणु समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर हमले फिर हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व का “संरक्षक” बनने पर विचार कर सकता है और बदले में क्षेत्र की आय का 20 प्रतिशत हिस्सा ले सकता है।
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ हुआ नया समझौता अंततः यह सुनिश्चित करेगा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज “स्थायी रूप से टोल-फ्री” रहे। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ट्रंप ने इंटरव्यू में इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को “कठोर” करार दिया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू को अमेरिका का आभारी होना चाहिए क्योंकि अमेरिका की पहल ने क्षेत्र को बड़े संकट से बचाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “वह बहुत मुश्किल आदमी हैं। और सच कहूं तो उन्हें हमारे प्रति बहुत आभारी होना चाहिए। क्योंकि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो इजरायल दो घंटे भी नहीं टिक पाता।”
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ताओं में इजरायल सीधे तौर पर शामिल नहीं था। समझौते की शर्तों को लेकर इजरायली अधिकारियों के बीच गहरी चिंता भी बताई जा रही है। उनका मानना है कि यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पर्याप्त सुरक्षा गारंटी नहीं देता।
इस बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि अमेरिका-इजरायल संबंधों में रणनीतिक सहयोग बरकरार रहने के बावजूद ट्रंप और नेतन्याहू के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं।
इसके साथ ही ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की भी तारीफ की। उन्होंने जिनपिंग को जेंटलमेन करार दिया जिन्होंने होर्मुज में दखलअंदाजी नहीं की।
बता दें, कि रविवार को अपने 80वें जन्मदिन पर राष्ट्रपति ट्रंप ने पीस डील पर पहुंचने की जानकारी ट्रुथ सोशल के जरिए दी थी। वहीं ईरान ने भी इसको लेकर सकारात्मक बयान जारी किया था। पाकिस्तान इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देश 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
--आईएएनएस
केआर/
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