अगरतला, 6 अक्टूबर (आईएएनएस) भाजपा की सहयोगी और आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी 'टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) का त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में दबदबा कायम रहा। पार्टी ने विलेज कमेटियों की 4,594 सीटों में से 74.61 प्रतिशत सीटें जीतीं। ये चुनाव 28 सितंबर को हुए थे और इनके अंतिम नतीजे मंगलवार सुबह घोषित किए गए।
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अगरतला, 6 अक्टूबर (आईएएनएस) भाजपा की सहयोगी और आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी 'टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) का त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में दबदबा कायम रहा। पार्टी ने विलेज कमेटियों की 4,594 सीटों में से 74.61 प्रतिशत सीटें जीतीं। ये चुनाव 28 सितंबर को हुए थे और इनके अंतिम नतीजे मंगलवार सुबह घोषित किए गए।
अधिकारियों के अनुसार, त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के तहत 587 विलेज कमेटियों की सभी 4,594 सीटों के नतीजे मंगलवार सुबह घोषित किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच राज्यभर के 45 केंद्रों पर बैलेट पेपर से डाले गए वोटों की गिनती शुरू हुई। 587 विलेज कमेटियों की कुल 4,594 सीटों में से टीएमपी ने 3,428 सीटें (74.61 प्रतिशत) जीती, जबकि भाजपा को 859 सीटें (18.70 प्रतिशत) मिलीं। उनके आदिवासी-आधारित सहयोगी, इंडिजिनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा ने 33 सीटें (0.72 प्रतिशत) हासिल की।
विपक्षी सीपीआई (एम) को 87 सीटें (1.89 प्रतिशत) और कांग्रेस को 14 सीटें (0.30 प्रतिशत) मिली, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 173 सीटें (3.77 प्रतिशत) जीती।
इस बीच, चुनावों के लिए कुल 4,597 सीटों की घोषणा की गई थी, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने 1,644 सीटें निर्विरोध जीतीं, जबकि तीन सीटों के लिए कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया।
त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के तहत 587 विलेज कमेटियों में 2,950 सीटों के लिए चुनाव हुए।
राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, टीएमपी ने 1,557 सीटें (33.87 प्रतिशत) निर्विरोध जीतीं, जबकि भाजपा ने 81 सीटें (1.76 प्रतिशत) हासिल कीं और सीपीआई (एम) एक सीट निर्विरोध जीतने में सफल रही। सत्ताधारी भाजपा ने अपने दो आदिवासी सहयोगियों टीएमपी और आईपीएफटी के साथ मिलकर विपक्ष के सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एक दशक के अंतराल पर विलेज कमेटी के चुनाव हुए।
पूर्व शाही परिवार के सदस्य प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा के नेतृत्व वाली टीएमपी 2021 से 30 सदस्यों वाली त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल का कामकाज संभाल रही है। इस काउंसिल में 28 चुने हुए सदस्य और राज्य सरकार द्वारा मनोनीत दो सदस्य शामिल हैं।
त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल का अधिकार क्षेत्र राज्य के कुल 58 ब्लॉक में से 52 ब्लॉक पर है। यह काउंसिल 49वें संविधान संशोधन के बाद 1 अप्रैल 1985 को संविधान की छठी अनुसूची के तहत अस्तित्व में आई थी।
विलेज कमेटी चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि शुरुआती नतीजों से संकेत मिलता है कि जनादेश भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पक्ष में होगा।
उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि एनडीए विलेज कमेटी चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने जा रही है, जिससे राज्य का भला होगा। मौजूदा सरकार मैदानी और पहाड़ी, दोनों इलाकों में विकास सुनिश्चित करना चाहती है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सभी मतदाताओं का उनके भरोसे, समर्थन और भागीदारी के लिए मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं। यह नतीजा लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश और चुने हुए प्रतिनिधियों में उनके भरोसे को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर टीएमपी प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने कहा कि ग्राम समिति चुनाव के नतीजे आदिवासी लोगों को जमीनी स्तर पर फिर से ताकत देंगे। सुप्रीम कोर्ट में लंबे संघर्ष के बाद, जिसे मैंने व्यक्तिगत रूप से लड़ा था। हमें हमारे संवैधानिक अधिकार वापस मिल गए हैं। आज चाहे कोई भी पार्टी जीते, सबसे जरूरी बात यह है कि जनता की जीत हुई है। यह टिपरासा (आदिवासियों) की ताकत है।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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