
फ्लोरिडा/वॉशिंगटन. अमेरिका और ईरान के बीच तल्खी एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तेहरान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने कोई भी हिमाकत या गलती की, तो अमेरिका उस पर दोबारा हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अमेरिका सामरिक और आर्थिक रूप से बेहद मजबूत स्थिति में है, जबकि ईरान भारी दबाव में है।
फ्लोरिडा में मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान की आर्थिक स्थिति जर्जर हो चुकी है और वह समझौता करने के लिए छटपटा रहा है। ट्रम्प के अनुसार, "ईरान फिलहाल भारी दबाव में है और वे टेबल पर आना चाहते हैं। लेकिन अमेरिका अपनी शर्तों पर और अपनी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।"
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए ईरान ने शांति की दिशा में एक 14-सूत्रीय (14-Point) प्रस्ताव भेजा है।
ट्रम्प ने कहा:
"हमें ईरान की ओर से एक प्रस्ताव मिला है और हम इसके विस्तृत ड्राफ्ट का इंतजार कर रहे हैं। हम इसका रिव्यू (समीक्षा) भी कर रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा।"
प्रस्ताव को खारिज करने के संकेत देते हुए ट्रम्प ने ईरान के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 47 वर्षों में ईरान ने मानवता और वैश्विक शांति के साथ जो व्यवहार किया है, उसकी उसने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। ट्रम्प के इस कड़े रुख से साफ है कि वे ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने या किसी भी "नरम" समझौते के मूड में नहीं हैं।
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