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ट्विशा शर्मा मौत मामला: हाईकोर्ट से गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज


जबलपुर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरसी 4(एस)/2026, एससी-III के तहत चल रहे इस हाईप्रोफाइल मामले में कोर्ट के इस फैसले के बाद गिरिबाला सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

जबलपुर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरसी 4(एस)/2026, एससी-III के तहत चल रहे इस हाईप्रोफाइल मामले में कोर्ट के इस फैसले के बाद गिरिबाला सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने 26 अक्टूबर को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। उस आदेश पर 4 नवंबर को हस्ताक्षर हुए और इसके बाद इसे उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया। आदेश के सामने आते ही इस मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं।

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सीबीआई जांच जारी है। जांच एजेंसी लगातार सबूत जुटा रही है और इस मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों की पड़ताल कर रही है। कोर्ट ने अपने आदेश में व्हाट्सएप चैट, सीसीटीवी फुटेज और जांच में सामने आए तथ्यों को बेहद अहम माना है।

सूत्रों के अनुसार, मामले में मोबाइल डेटा एक्सट्रैक्शन और सीसीटीवी की फॉरेंसिक रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इन रिपोर्टों को जांच के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन रिपोर्टों के आने के बाद मौत के कारणों और उसके पीछे की साजिश को लेकर स्थिति और साफ हो सकेगी।

जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि गिरिबाला सिंह को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। वहीं, सीबीआई और अभियोजन पक्ष ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामला अभी जांच के शुरुआती दौर में है और आरोपी के बाहर आने से जांच प्रभावित हो सकती है। साथ ही, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका भी है।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि इस स्तर पर आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा क्योंकि जांच अभी अधूरी है और कई अहम फॉरेंसिक रिपोर्ट आनी बाकी हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम

Date & Time : 2026-11-04 21:30:03

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