
उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत सांवराखेड़ी रोड पर शुक्रवार देर रात शराब के नशे में हंगामा कर रहे युवकों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। समझाने पहुंची फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल (FRV) और अतिरिक्त पुलिस टीम के जवानों के साथ आरोपियों ने जमकर गाली-गलौज, झूमाझटकी और मारपीट की। इस हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मौके से तीन उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि फरार साथियों की तलाश जारी है।
घटनाक्रम के अनुसार, आरक्षक विक्रम सिंह चौहान की ड्यूटी शुक्रवार शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक डायल-100 (FRV-22) पर थी। रात करीब 11:30 बजे गश्त के दौरान उन्हें सूचना मिली कि सांवराखेड़ी रोड पर बंधन गार्डन के सामने कुछ युवक सार्वजनिक रूप से शराब पीकर उत्पाद मचा रहे हैं। आरक्षक विक्रम पायलट लोकेंद्र के साथ मौके पर पहुंचे, जहां 7 से 8 युवक सड़क किनारे शराबखोरी कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने जब कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें घर जाने की समझाइश दी, तो नशे में धुत युवक आक्रोशित हो गए और अभद्र गालियां देने लगे। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी, जिसमें आरक्षक विक्रम की जांघ पर चोट आई और उनकी वर्दी की शर्ट के बटन टूट गए।
स्थिति को अनियंत्रित होते देख आरक्षक विक्रम ने तुरंत वायरलेस सेट से नीलगंगा थाने को सूचना दी। वायरलेस संदेश मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम 'चीता पार्टी' और दूसरी एफआरवी टीम तुरंत बैकअप के लिए मौके पर पहुंची। हालांकि, अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी के बाद भी उपद्रवी शांत नहीं हुए और जवानों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इस हाथापाई के दौरान आरक्षक प्रशांत के दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली में गंभीर चोट आ गई और तेजी से खून बहने लगा, वहीं एफआरवी पायलट भी चोटिल हुआ।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस बल ने उपद्रव कर रहे तीन मुख्य आरोपियों—विकास लोधी, अंकित चौहान और यश परमार—को मौके पर ही दबोच लिया। घायल आरक्षक की तहरीर पर नीलगंगा थाना पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों सहित उनके अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा डालने, लोकसेवक पर हमला करने तथा मारपीट की सुसंगत धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। घटना के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर भागे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
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