भोपाल, 23 सितंबर (आईएएनएस) मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में बिजली के ट्रांसफार्मर लगाने में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है ।
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भोपाल, 23 सितंबर (आईएएनएस) मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में बिजली के ट्रांसफार्मर लगाने में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है ।
दरअसल भारत सरकार की विद्युत आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता में सुधार के लिए संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) अस्तित्व में लाई गई है। उसी के तहत विद्युत से जुड़े कार्य किए जाते हैं ताकि बुनियादी ढांचा मजबूत हो।
राज्य के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री के गृह जिले में भ्रष्टाचार का खेल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में आरडीएसएस योजना में बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिन गांवों में ट्रांसफॉर्मर की जरूरत थी, वहां नहीं लगाए गए, जबकि कई जगह जरूरत न होने पर भी दो-दो ट्रांसफॉर्मर लगा दिए गए और करीब 36 करोड़ रुपए का खर्च बताया गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में भ्रष्टाचार और सरकारी धन की ऐसी बर्बादी हो रही है, तो पूरे मध्यप्रदेश का क्या हाल होगा? जनता के पैसे से घी खरीदकर भ्रष्टाचारियों को पिलाना बंद कीजिए। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल किया है कि ट्रांसफॉर्मर लगाने के नाम पर पैसों के भ्रष्टाचार का यह खेल आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है।
मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में है जो विद्युत आपूर्ति के मामले में समृद्ध और सशक्त हुआ है। शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में बेहतर बिजली आपूर्ति के सरकार की ओर से दावे किए जाते हैं। सरकार का तो यहां तक दावा है कि मध्य प्रदेश की बिजली से दिल्ली की मेट्रो भी चल रही है।
राज्य सरकार लगातार विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठा रही है इसी क्रम में सरकार ने बीते रोज ही 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी और वर्ष 2037 तक की अनुमानित मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
एसएनपी/एसके
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