देहरादून, 20 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को युवा आईएएस अधिकारियों से कहा कि नेतृत्व का माप शक्ति से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में नैतिक रूप से कार्य करने की क्षमता से होता है।
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देहरादून, 20 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को युवा आईएएस अधिकारियों से कहा कि नेतृत्व का माप शक्ति से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में नैतिक रूप से कार्य करने की क्षमता से होता है।
उपराष्ट्रपति मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में 2024 बैच के आईएएस अधिकारी प्रशिक्षुओं के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से जीवन परिवर्तन करके अपनी सेवा को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
'विकसित भारत' की यात्रा का जिक्र करते हुए राधाकृष्णन ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि विकास अंतिम छोर तक पहुंचे, हर शिकायत सुनी जाए और हर नागरिक सशक्त हो।
उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक सेवा वितरण में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने का भी आह्वान किया।
उन्होंने निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता और भविष्य के लिए तैयार रहने पर जोर दिया और युवा अधिकारियों से व्यक्तिगत या समूह उत्कृष्टता के बजाय टीम उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।
उन्होंने एकजुट टीमें बनाने, सहकर्मियों को प्रेरित करने और अपने पूर्ववर्तियों द्वारा स्थापित अच्छी प्रथाओं को आगे बढ़ाने के महत्व पर बल दिया।
प्रशिक्षणार्थियों को उनके प्रशिक्षण के सफल समापन पर बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिविल सेवाओं ने देश के विकास में अपार योगदान दिया है और जमीनी स्तर पर नीति और उसके कार्यान्वयन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई हैं।
अकादमी के अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की।
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, उत्तराखंड के कृषि एवं किसान कल्याण एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, एलबीएसएनएए के निदेशक बी. राजेंद्र, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे के समापन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित थे।
बुधवार को, अपने राजकीय दौरे के पहले दिन उपराष्ट्रपति ने देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईएनजीएफए) का दौरा किया, जहां उन्होंने 2025-27 बैच के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के प्रशिक्षुओं से बातचीत की।
--आईएएनएस
एमएस/
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