
नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई के लिए 'टैप एंड पे' (Tap & Pay) फीचर को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दूसरे दिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस अत्याधुनिक सेवा का अनावरण किया। अब उपयोगकर्ताओं को किसी दुकान या स्टोर पर भुगतान करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने या यूपीआई आईडी दर्ज करने की अनिवार्यता नहीं होगी। उपभोक्ता सिर्फ अपने स्मार्टफोन को पीओएस (POS) मशीन पर टैप करके पलक झपकते ही ट्रांजैक्शन पूरा कर सकेंगे।
इस नए फीचर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पेमेंट करने के लिए यूजर को अपने मोबाइल में कोई भी यूपीआई ऐप खोलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बस आपको अपना फोन अनलॉक करना होगा और उसे पीओएस मशीन के पास ले जाना होगा; मशीन में दर्ज राशि सीधे खाते से कट जाएगी। एनपीसीआई का दावा है कि यह तकनीक बेहद कम कनेक्टिविटी या बिना इंटरनेट वाले (जीरो नेटवर्क) इलाकों में भी सुचारू रूप से कार्य करने में सक्षम है। अब तक कुछ चुनिंदा ऐप्स अपने स्तर पर यह सुविधा दे रहे थे, लेकिन अब एनपीसीआई ने इसे एक राष्ट्रीय स्टैंडर्ड बना दिया है। इसका लाभ PhonePe, Google Pay, BHIM और Paytm समेत सभी प्रमुख यूपीआई प्लेटफॉर्म पर मिलेगा।
यूपीआई के इस कदम को वैश्विक भुगतान दिग्गज 'ऐपल पे' (Apple Pay) की भारत में संभावित एंट्री से पहले एक बड़े रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। ऐपल पे में टैप एंड पे की सुविधा पहले से वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय है, लेकिन उसकी सीमा यह है कि वह केवल आईफोन या ऐपल वॉच जैसे महंगे उत्पादों तक सीमित है। इसके विपरीत, यूपीआई टैप एंड पे एक ओपन और समावेशी प्लेटफॉर्म है, जो आम एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स से लेकर आईओएस यूजर्स तक सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होगा।
तकनीकी आधार की बात करें तो यूपीआई टैप एंड पे पूरी तरह से भारत के अपने घरेलू यूपीआई नेटवर्क पर आधारित है, जहां पैसा सीधे आपके बैंक खाते से कटता है। इसके विपरीत, ऐपल पे वीजा, मास्टरकार्ड या रुपे जैसे क्रेडिट और डेबिट कार्ड नेटवर्क पर काम करता है और इसके जरिए होने वाला भुगतान कार्ड से कटता है। इसके संचालन का जिम्मा जहां भारत सरकार से जुड़ी संस्था एनपीसीआई के पास है, वहीं ऐपल पे का नियंत्रण अमेरिकी टेक दिग्गज ऐपल के पास है।
उपयोग के दायरे में दोनों प्रणालियों में स्पष्ट भिन्नता है। यूपीआई टैप एंड पे मुख्य रूप से भारत और भारतीय यूपीआई मर्चेंट्स पर लागू होता है, जबकि ऐपल पे दुनिया भर के उन सभी अंतरराष्ट्रीय आउटलेट्स पर स्वीकार किया जाता है जहां कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट की सुविधा है। डिवाइस सपोर्ट के मामले में यूपीआई टैप एंड पे सभी एनएफसी-सक्षम एंड्रॉइड और आईओएस डिवाइस पर काम करेगा, जबकि ऐपल पे केवल ऐपल इकोसिस्टम तक सीमित रहेगा। इसके अलावा, यूपीआई भुगतान आमतौर पर उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह निशुल्क होते हैं और कमजोर नेटवर्क में भी बेहतर ढंग से काम करते हैं, जबकि ऐपल पे कार्ड के नियमों व शुल्कों के अधीन संचालित होता है।
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