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गाजीपुर एनकाउंटर पर बवाल, अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर किया हमला, दो जवान घायल


गाजीपुर जिले में एक कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर भारी बवाल खड़ा हो गया है। बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के शव को जब अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, तब भारी भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों ने इस उपद्रव को बेहद गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

यह पूरी घटना गुरुवार की देर शाम उस समय हुई जब पुलिस सुरक्षा के बीच कमलेश के शव को उसके पैतृक गांव से श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। गाजीपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर पहले से मौजूद ग्रामीणों और उपद्रवियों की भीड़ ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और उसने पुलिस बल पर पथराव करना शुरू कर दिया, जिसमें कुछ अधिकारी और जवान चोटिल हो गए। इसके बाद मौके पर मौजूद महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और कड़े पहरे के बीच शव को श्मशान घाट पहुंचाया, जहां परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया।

दरअसल, एनकाउंटर में मारा गया कमलेश चौधरी 29 मई की रात को हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में वांछित था। आरोप है कि उसने एक करोड़ रुपये की रंगदारी न मिलने पर एक स्थानीय होटल व्यवसायी के 29 वर्षीय बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने चार नामजद आरोपियों पर इनाम घोषित किया था, जिसमें मुख्य आरोपी शंकर पांडेय और कमलेश पर एक-एक लाख रुपये, जबकि दो अन्य पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। बुधवार रात कमलेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में ढेर हो गया था, जिसे ग्रामीण 'फर्जी एनकाउंटर' बताकर विरोध कर रहे हैं।

इस घटना को लेकर अब उत्तर प्रदेश में सियासत भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि भाजपा के राज में महाभ्रष्ट शासन-प्रशासन ने जनता का विश्वास खो दिया है और इन हत्याओं तथा एनकाउंटर ने उत्तर प्रदेश की छवि को पूरी तरह से नकारात्मक बना दिया है। दूसरी ओर, गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ईरज राजा ने साफ किया है कि सड़क पर शव रखकर उपद्रव करने और कानून हाथ में लेने वालों को चिह्नित किया जा रहा है और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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