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वडोदरा के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में 1,200 व्यंजनों का अन्नकूट, 300 महिलाएं कर रहीं तैयारियां


वडोदरा, 1 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात के वडोदार के अटलादरा स्थित स्वामीनारायण बीएपीएस मंदिर में एक भव्य 'अन्नकूट' की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें खाने-पीने की 1,200 चीजें शामिल होंगी।

वडोदरा, 1 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात के वडोदार के अटलादरा स्थित स्वामीनारायण बीएपीएस मंदिर में एक भव्य 'अन्नकूट' की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें खाने-पीने की 1,200 चीजें शामिल होंगी।

एक हफ्ते तक चलने वाली इन तैयारियों में लगभग 300 महिला भक्त, बच्चे और बुजुर्ग सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। भक्त इस आयोजन को लेकर बहुत उत्साहित और समर्पित हैं।

बीएपीएस भक्त मेघा शेखावत ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि यहां नूतन वर्ष के भव्‍य अन्‍नकूट की तैयारियां चल रही हैं। इसमें 15 साल से लेकर 70 साल तक की महिलाएं स्‍वयंसेवा में जुड़ी हैं, करीब 300 की संख्‍या होगी। 28 से 10 तारीख तक सेवा चलेगी। जिस तरह से हिंदू संस्‍कृति में गोवर्धन पूजा का महत्‍व है और भगवान को भोग लगाया जाता है, उसी तरह से हम भी अपने भगवान को भोग लगाते हैं।

बीएपीएस संत स्वामी ज्ञानवत्सल ने कहा कि भगवान के सामने भक्तिभाव रहता है। प्रेम से थाल भोग तैयार होते हैं। अन्‍नकूट को शाम तक आने वाले दर्शनार्थियों को प्रसाद में भोग के रूप में दिया जाता है। हम अन्‍न का एक भी टुकड़ा नहीं फेंकते हैं।

उन्‍होंने अन्‍नकूट प्रथा के बारे में बताते हुए कहा कि बारिश के बाद प्रथम फसल आती है। जब गोकुलवासी नई फसल लेकर घर पर आए तब प्रथम भोग भगवान श्रीकृष्‍ण को दिया गया। इस परंपरा से अन्‍नकूट यानी अन्‍न के पूरे पहाड़ का प्रथम भोग भगवान को अर्पित करते हुए इसे अपने जीवन में इस्‍तेमाल कर‍ते हैं। यह परंपरा भगवान श्रीकृष्‍ण के समय से चली आ रही है।

स्वामी ज्ञानवत्सल ने कहा कि हम जानते हैं कि एक हफ्ते के बाद दीपावली का पर्व है। सनातन हिंदू धर्म में दीपावली का त्‍योहार भव्‍यता के साथ मनाते हैं। इस दीपावली के पर्व पर यहां साफ-सफाई का काम चल रहा है। 300 से ज्‍यादा महिलाएं अन्‍नकूट की तैयारी कर रही हैं, जहां 1,200 से ज्‍यादा खाने-पीने की चीजें भगवान को भोग में चढ़ाई जाएंगी। 1,200 थालों का महाभोग अन्‍नकूट के दिन यानी 10 नवंबर को सुबह से भगवान को चढ़ाया जाएगा।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

Date & Time : 2026-11-01 19:00:02

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