जम्मू, 19 जून (आईएएनएस)। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने शुक्रवार को 'निक्षय मित्र' पहल के तहत टीबी मरीजों को पोषण संबंधी मदद दी।
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जम्मू, 19 जून (आईएएनएस)। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) ने शुक्रवार को 'निक्षय मित्र' पहल के तहत टीबी मरीजों को पोषण संबंधी मदद दी।
जम्मू डिवीजन के कटरा ब्लॉक और रियासी जिले के टीबी मरीजों के लिए, जम्मू की टीबी रोग अधिकारी डॉ. ज्योति जॉली को शुक्रवार को एसएमवीडीएसबी, कटरा से 'निक्षय मित्र' पहल और 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत 270 पोषण युक्त खाद्य बास्केट मिलीं।
यह मदद जम्मू की स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. पूनम सेठी के मार्गदर्शन में दी गई है। इसका मकसद पोषण संबंधी मदद के जरिए मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाना और इलाज के नतीजों में सुधार करना है।
एनटीईपी जम्मू टीम ने इस योगदान के लिए श्राइन बोर्ड के मैनेजमेंट का आभार जताया और कहा कि यह मदद टीबी मरीजों को उनके इलाज और ठीक होने की प्रक्रिया में सहायक होगी।
पोषण युक्त बास्केट से मरीजों के ठीक होने में मदद मिलेगी, उनकी तकलीफ कम होगी और इलाज के नतीजे बेहतर होंगे। यह पहल 'टीबी मुक्त जम्मू-कश्मीर' के लक्ष्य को हासिल करने में सामुदायिक भागीदारी की भावना को भी दर्शाती है।
स्टेट टीबी सेल जम्मू ने एसएमवीडीएसबी के योगदान को सराहा और 'टीबी मुक्त भारत' के समर्थन में साझेदारी को मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।
एसएमवीडीएसबी एक वैधानिक स्वायत्त संस्था है जो जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी के पवित्र गुफा मंदिर और उसके आसपास के बुनियादी ढांचे के प्रबंधन, संचालन और प्रशासन के लिए जिम्मेदार है।
अगस्त 1986 में स्थापित इस बोर्ड के प्रमुख जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल होते हैं, जो इसके पदेन अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।
एसएमवीडीएसबी की मुख्य जिम्मेदारियों में कटरा से भवन तक 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करना शामिल है।
बोर्ड भारी सब्सिडी वाले भोजनालय चलाता है जो साफ-सुथरा खाना उपलब्ध कराते हैं, तीर्थयात्रियों के लिए डॉरमेट्री और कमरों जैसी आवास व्यवस्था बनाए रखता है, और हर मौसम में काम आने वाले कतार परिसरों के साथ आने-जाने के रास्तों को लगातार बेहतर बनाता है।
तीर्थयात्रियों को अपनी यात्रा की व्यवस्था सुरक्षित रूप से करने के लिए आधिकारिक बुकिंग चैनलों का उपयोग करना चाहिए और धोखाधड़ी करने वाले थर्ड-पार्टी एजेंटों से बचना चाहिए।
सभी तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा पंजीकरण पर्ची प्राप्त करना अनिवार्य है। हालांकि, डिजिटल रजिस्ट्रेशन स्लिप आधिकारिक एसएमवीडीएसबी पोर्टल से मुफ्त में मिल सकती है, लेकिन यात्रा शुरू करने से पहले कटरा पहुंचने पर फिजिकल आरएफआईडी एक्सेस कार्ड लेना जरूरी है।
कटरा से सांझीछत के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है। इसकी बुकिंग की बहुत मांग रहती है और यह यात्रा से 60 दिन पहले, रोजाना के कैलेंडर के आधार पर सुबह 10:00 बजे खुलती है।
अभी आने-जाने (राउंड-ट्रिप) के टिकट का तय किराया प्रति यात्री 4,640 रुपए है (एक तरफ का किराया 2,320 रुपए है)।
श्रद्धालु एसएमवीडीएसबी सर्विस गाइड प्लेटफॉर्म के जरिए बैटरी कार की सवारी, भवन-भैरव घाटी रोपवे, ऑनलाइन कमरे और अटका आरती/खास पूजा के स्लॉट पहले से बुक कर सकते हैं।
पालकी, पिट्ठू (सामान ढोने वाले) और टट्टू जैसी आम ट्रांसपोर्ट सुविधाओं को ऑनलाइन बुक नहीं किया जा सकता; इनका इंतजाम सिर्फ रास्ते में बने काउंटर से ही किया जाता है।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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