मुंबई, 15 अगस्त (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने ‘वंदे मातरम्’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश और मातृभूमि के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को देश और भारत माता के प्रति सम्मान रखना चाहिए तथा ‘वंदे मातरम्’ का भी सम्मान करना चाहिए।
![]()
मुंबई, 15 अगस्त (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने ‘वंदे मातरम्’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश और मातृभूमि के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को देश और भारत माता के प्रति सम्मान रखना चाहिए तथा ‘वंदे मातरम्’ का भी सम्मान करना चाहिए।
मराठी भाषा के मुद्दे पर आनंद दुबे ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा तथा टैक्सी चलाने वाले गैर-मराठी भाषी लोगों को मराठी सिखाने के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है। करीब 90 प्रतिशत लोग मराठी सीख चुके हैं, जबकि बाकी लोगों को सरकार ने इसके लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और जो लोग इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, वे अपना आधार खो देंगे।
दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति राज्य के विकास में योगदान देने वाला नागरिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी से कोई परमिट नहीं छीना जाएगा। अगर कोई नहीं सीख पाया है तो उसे आगे भी मौका दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं को एआई से जोड़ने की पहल का स्वागत करते हुए आनंद दुबे ने कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और सरकार को पहले इस समस्या का समाधान करना चाहिए। ऑनलाइन शिक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। इसके लिए विद्यार्थियों के पास मोबाइल फोन और इंटरनेट की सुविधा भी होनी चाहिए।
दुबे ने कहा कि देश में युवाओं की आबादी बड़ी है और करोड़ों युवा शिक्षा हासिल कर रहे हैं। ऐसे में केवल एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना होगा।
उन्होंने कहा कि जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब आज के युवाओं पर की गई मेहनत भारत के बेहतर भविष्य की नींव तैयार करेगी।
देश की जेन-जी पीढ़ी को लेकर उन्होंने कहा कि आज का युवा जागरूक है। हालांकि, कुछ युवा परिस्थितियों के कारण समाज की मुख्यधारा से भटक सकते हैं, ऐसे युवाओं को वापस समाज से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के महापुरुषों के विचारों और उनके जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। इससे युवा सही और गलत के बीच अंतर समझते हुए देश के विकास में बेहतर योगदान दे सकेंगे।
आनंद दुबे ने सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा में जुटे जवानों को भी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों के सपनों को साकार करने और विकसित, आत्मनिर्भर तथा हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लें।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी
Leave A Reviews