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वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया दशकों पुरानी परंपरा का ही अगला चरण: मुख्यमंत्री फडणवीस


मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि एसआईआर कोई नई बात नहीं है। बल्कि, ये एक जरूरी प्रक्रिया है, जिसे चुनाव आयोग दशकों से समय-समय पर अपनाता रहा है।

मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि एसआईआर कोई नई बात नहीं है। बल्कि, ये एक जरूरी प्रक्रिया है, जिसे चुनाव आयोग दशकों से समय-समय पर अपनाता रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "भारत की चुनावी व्यवस्था में मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया कई दशकों से चली आ रही है। मतदाता सूचियां सटीक और विश्वसनीय बनी रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने विभिन्न चरणों में इन सूचियों का गहन संशोधन किया है।"

इस दौरान, सीएम फडणवीस ने एसआईआर प्रक्रिया का इतिहास बताया। उन्होंने पोस्ट किया, "1952 से 1956 की अवधि में चुनाव आयोग ने देश के अधिकांश हिस्सों में मतदाता सूचियों का व्यापक पुनरीक्षण किया। उसके बाद 1957, 1961, 1965 और 1966 में भी देश के अधिकांश हिस्सों में पुनरीक्षण किया गया। आगे 1983-84, 1987-89, 1992, 1993 और 1995 की अवधि में भी वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव किए। चुनाव आयोग ने 2002, 2003 और 2004 में फिर से मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया।"

उन्होंने कहा कि व्यापक पुनरीक्षण के दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी लेना, मतदाता गणना फॉर्म वितरित करना व जमा करना और मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन करना शामिल होता है। व्यापक पुनरीक्षण के तहत मतदाताओं की गिनती के जरिए मतदाता सूचियों को नए सिरे से तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और नागरिकों के बार-बार होने वाले पलायन के कारण भी मतदाता सूची में बड़े बदलाव हुए हैं। पिछले 20 वर्षों में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम जोड़े और हटाए गए हैं। समय के साथ नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने, मृत्यु, पलायन और एक स्थान से दूसरे स्थान पर हुए पंजीकरण के कारण मतदाता सूचियों में बदलाव होते रहते हैं। इसलिए समय-समय पर गहन सत्यापन आवश्यक हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए, यह चुनाव आयोग के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में से एक है। मतदाता सूचियों की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए व्यापक पुनरीक्षण चुनाव व्यवस्था की लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया है। वर्तमान विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) उसी व्यापक प्रक्रिया का अगला चरण है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

Date & Time : 2026-10-05 15:20:03

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