नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगामी शीत ऋतु में वायु प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारियों और पड़ोसी एनसीआर जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की।
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नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगामी शीत ऋतु में वायु प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारियों और पड़ोसी एनसीआर जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की।
इस बैठक में नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और बहादुरगढ़ के वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (यातायात) अजय चौधरी और दिल्ली सरकार की परिवहन आयुक्त निहारिका राय भी उपस्थित थीं।
सिरसा ने इस बात पर जोर दिया कि वायु प्रदूषण एक क्षेत्रीय मुद्दा है, जिसके लिए दिल्ली और पड़ोसी एनसीआर राज्यों द्वारा समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों को न केवल दिल्ली के भीतर बल्कि आसपास के एनसीआर जिलों के साथ समन्वय में भी लागू किया जाए।
सिरसा ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी सीमा प्रबंधन, सख्त प्रवर्तन, सुगम यातायात, स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई दिल्ली की शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण रणनीति के महत्वपूर्ण घटक बने रहेंगे।
विवरण में कहा गया कि बैठक में अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करने और श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी निर्देशों के तहत प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दिल्ली सरकार केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और वायु गुणवत्ता में सुधार, स्वच्छ परिवहन को मजबूत करने, सड़क की धूल को कम करने और एनसीआर में समन्वित प्रवर्तन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए उपायों के लिए निरंतर समर्थन दे रही है।
बैठक में जीआरएपी और सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुसार दिल्ली और एनसीआर में यातायात प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत करने के लिए प्रमुख उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसमें यातायात प्रबंधन और भीड़भाड़ कम करने के उपायों पर चर्चा की गई और निर्णय लिया गया कि यातायात आवागमन को समन्वित किया जाएगा और पर्याप्त यातायात कर्मियों को चिन्हित उच्च यातायात गलियारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात किया जाएगा ताकि सुचारू यातायात प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके और लंबे समय तक चलने वाली भीड़भाड़ के कारण होने वाले वाहन उत्सर्जन को कम किया जा सके।
सिरसा ने कहा कि पीयूसी मानदंडों के कड़ाई से पालन के लिए, सतर्कता और प्रवर्तन को मजबूत किया जाएगा। स्पष्ट रूप से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को रोका जाएगा और वाहनों को जब्त करने और जहां भी लागू हो, अधिकतम अनुमत जुर्माना लगाने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बयान में कहा गया है कि दिल्ली के लिए गंतव्य न होने वाले ट्रक यातायात को पूर्वी और पश्चिमी परिधीय एक्सप्रेसवे के माध्यम से मोड़ने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी कड़ाई से पालन किया जाएगा ताकि शहर से अनावश्यक भारी वाहनों की आवाजाही को कम किया जा सके।
इसमें कहा गया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) और सर्वोच्च न्यायालय के उन आदेशों का सख्ती से पालन किया जाएगा जिनमें पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है, साथ ही मौजूदा नियमों और विनियमों के तहत निर्धारित अन्य प्रतिबंधों का भी पालन किया जाएगा।
--आईएएनएस
एमएस/
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