
गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोरखनाथ थाना क्षेत्र स्थित बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। महराजगंज में पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा सिंह ने बहुमंजिला इमारत की आठवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर रूप से घायल अवस्था में परिजन उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें हाल ही में 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में जेल भेजी गई मुख्य आरोपी गरिमा सिंह का नाम दर्ज है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मूल रूप से मऊ जिले के मोहम्मदाबाद (बरबोझी) के निवासी डॉ. परमात्मा सिंह वर्तमान में गोरखनाथ के बसंत इंक्लेव (बी-213 ब्लॉक) में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वह महराजगंज जिले के एक ब्लॉक में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे।
डॉ. परमात्मा सिंह ने महज 8 दिन पहले यानी 5 अगस्त को गोरखपुर के एम्स (AIIMS) थाने में गरिमा सिंह और उसके गिरोह के खिलाफ 1.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठगने का मुकदमा दर्ज कराया था। ठगी के इस संगठित गिरोह में गरिमा के अलावा उसके सेवानिवृत्त रेलकर्मी पिता और शिक्षक पति भी शामिल हैं। पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गरिमा और उसके पिता को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि सुबह करीब 9:40 बजे डायल 112 के माध्यम से घटना की सूचना मिली थी।
जांच के बिंदु: पुलिस को कमरे से मिले सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से गरिमा सिंह का उल्लेख मिला है।
ठगी का बड़ा सिंडिकेट: आरोपी गिरोह के खिलाफ एम्स थाने में 3 और सहजनवा थाने में 1 मुकदमा दर्ज है, जबकि पुलिस कुल 6 अलग-अलग शिकायतों की जांच कर रही है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: मृतक डॉ. परमात्मा सिंह की पत्नी सावित्री सिंह भी पेशे से पशु चिकित्सक हैं। दंपती के दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गोरखनाथ थाना प्रभारी का कहना है कि सुसाइड नोट, 1.40 करोड़ की ठगी के एफआईआर के तथ्यों और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर विस्तृत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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