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विचारधारा की वजह से टीवीके के साथ जुड़ रहे नेता, ये हॉर्स-ट्रेडिंग नहीं: आर. निर्मलकुमार


चेन्नई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के कानून मंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संयुक्त महासचिव आर. निर्मलकुमार ने मंगलवार को इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी दूसरी पार्टियों के नेताओं को लालच देकर अपने साथ जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि टीवीके में शामिल होने वाले नेता पैसे या किसी प्रलोभन के कारण नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक सोच और विश्वास के आधार पर पार्टी से जुड़ रहे हैं।

चेन्नई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के कानून मंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संयुक्त महासचिव आर. निर्मलकुमार ने मंगलवार को इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी दूसरी पार्टियों के नेताओं को लालच देकर अपने साथ जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि टीवीके में शामिल होने वाले नेता पैसे या किसी प्रलोभन के कारण नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक सोच और विश्वास के आधार पर पार्टी से जुड़ रहे हैं।

चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए निर्मलकुमार ने कहा कि डीएमके और एआईएडीएमके के कई नेता अपनी-अपनी पार्टी के नेतृत्व से निराश हो चुके हैं और इसलिए वे खुद ही पार्टी छोड़ने का फैसला कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे स्वैच्छिक फैसलों को राजनीतिक दल-बदल या हॉर्स-ट्रेडिंग नहीं कहा जा सकता।

निर्मलकुमार ने कहा, "हॉर्स-ट्रेडिंग का मतलब होता है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को पार्टी बदलने के लिए पैसे या अन्य प्रलोभन दिए जाएं। अगर कोई नेता एमके स्टालिन या एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व पर भरोसा खो देता है और किसी दूसरी राजनीतिक राह पर चलने का फैसला करता है, तो यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है, न कि हॉर्स-ट्रेडिंग।"

उन्होंने दावा किया कि टीवीके ने किसी भी नेता को पार्टी में शामिल होने के लिए न तो संपर्क किया है और न ही मनाने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा, "हमने किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया है। अगर वे खुद अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने की इच्छा जताते हैं, तो हम उन्हें कैसे मना कर सकते हैं?"

विपक्ष पर निशाना साधते हुए निर्मलकुमार ने कहा कि राजनीतिक हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों का संबंध पूर्व मंत्री वी. सेंथिलबालाजी और उनके समर्थकों से अधिक रहा है।

उन्होंने डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती द्वारा कथित विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर सीबीआई को दी गई शिकायत को भी खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ "टाइमपास" के लिए किया गया कदम है।

मंत्री ने एआईएडीएमके पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनावों के बाद मुख्य विपक्षी दल का संगठन काफी कमजोर हो गया है।

उनके अनुसार, एआईएडीएमके का प्रभाव अब केवल तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से के कुछ जिलों तक सीमित रह गया है।

उन्होंने कहा, "कुछ दक्षिणी जिलों को छोड़ दें तो पार्टी का संगठनात्मक नेटवर्क लगभग खत्म हो चुका है। पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को तो यह भी याद नहीं है कि उनका कोई महासचिव भी है।"

भविष्य के संभावित राजनीतिक गठबंधनों पर चल रही चर्चाओं पर तंज कसते हुए निर्मलकुमार ने कहा कि एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री केटी राजेंद्र बालाजी और डीएमके मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन भविष्य में डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन के समन्वयक भी बन सकते हैं।

शासन व्यवस्था से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मिलना चाहते हैं, वे मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से समय (अपॉइंटमेंट) ले सकते हैं।

उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार की दो-भाषा नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसके अलावा पार्टी फंड से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने कहा कि मामलों की जांच की जा रही है और जहां जरूरत होगी, वहां उचित कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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