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विदेशी फंडिंग मामले में न्यूजक्लिक और प्रबीर पुरकायस्थ को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, एफआईआर और ईसीआईआर रद्द


नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। विदेशी फंडिंग से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक और उसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज ईसीआईआर को रद्द कर दिया है।

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। विदेशी फंडिंग से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक और उसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज ईसीआईआर को रद्द कर दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में कानून का दुरुपयोग किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यूजक्लिक को प्राप्त प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं करता था। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया, जिससे यह साबित हो सके कि प्रबीर पुरकायस्थ ने किसी व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी की थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह सही भी मान लिया जाए, तब भी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध नहीं बनता। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अप्रैल 2018 में जब संबंधित निवेश प्राप्त हुआ था, उस समय डिजिटल न्यूज मीडिया में विदेशी निवेश (एफडीआई) पर कोई सीमा लागू नहीं थी।

दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वर्ष 2020 में न्यूजक्लिक और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि डिजिटल मीडिया में विदेशी निवेश की कथित 26 प्रतिशत सीमा को दरकिनार करने के लिए कंपनी ने अपने शेयरों का मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और विदेशी निवेश के रूप में करीब 9.59 करोड़ रुपए प्राप्त किए।

जांच एजेंसियों का यह भी दावा था कि न्यूजक्लिक ने विदेशों, विशेष रूप से चीन से जुड़ी संस्थाओं से करोड़ों रुपए की अवैध फंडिंग हासिल की थी। आरोप यह भी लगाया गया था कि इस धन का इस्तेमाल भारत-विरोधी माहौल और कथित चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए किया गया।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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