Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

विजय-तृषा विवाद के बीच विक्रम भट्ट बोले, जब रिश्ता समय पूरा कर ले, तो उसे निभाना एक कैद की तरह

मुंबई, 9 मार्च (आईएएनएस)। फिल्मी दुनिया में सितारों की निजी जिंदगी चर्चा का विषय बनी रहती है। हाल के दिनों में दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन के रिश्ते को लेकर चर्चा में रहे। इसी बीच फिल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक विक्रम भट्ट ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए लोगों से सितारों की निजी जिंदगी का सम्मान करने की अपील की है।

मुंबई, 9 मार्च (आईएएनएस)। फिल्मी दुनिया में सितारों की निजी जिंदगी चर्चा का विषय बनी रहती है। हाल के दिनों में दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन के रिश्ते को लेकर चर्चा में रहे। इसी बीच फिल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक विक्रम भट्ट ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए लोगों से सितारों की निजी जिंदगी का सम्मान करने की अपील की है।

विक्रम भट्ट ने अपने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में एक घायल व्यक्ति का खून से सना हाथ दिखाई दे रहा है, जो एक महिला का हाथ थामे हुए है। इस तस्वीर पर एक लाइन लिखी हुई है, जिसका अर्थ है- ''कलाकारों की फिल्में लोगों की हो सकती हैं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी लोगों की नहीं होती।''

इस तस्वीर के साथ विक्रम भट्ट ने एक लंबा कैप्शन भी लिखा, जिसमें उन्होंने विजय और तृषा कृष्णन की निजी जिंदगी को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, ''इन दिनों विजय और तृषा की निजी जिंदगी को लेकर बहुत शोर मचा हुआ है। मुझे नहीं पता कि इंटरनेट पर चल रही अफवाहें सच हैं या नहीं, लेकिन अगर इनमें कुछ सच्चाई भी है, तब भी लोगों को इस मामले को समझदारी से देखना चाहिए।''

अपने पोस्ट में विक्रम भट्ट ने अपनी हाल की कठिन परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हाल में मुझे बंद माहौल में रहने का अनुभव मिला, जिससे मुझे आजादी की असली कीमत समझ में आई। जब कोई व्यक्ति किसी जगह पर बंद रहता है तो उसे हर छोटी चीज के लिए इंतजार करना पड़ता है। इससे भी बड़ी कैद वह होती है, जब किसी इंसान की खुशी और उसके दिल की आजादी को कैद कर दिया जाता है। कई बार ऐसा होता है कि दो लोग ऐसे रिश्ते में फंसे रहते हैं जिसका समय खत्म हो चुका होता। इसके बावजूद समाज यह उम्मीद करता है कि वह रिश्ता चलता रहना चाहिए। ऐसी स्थिति भी एक तरह की कैद ही होती है।"

विक्रम भट्ट ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं खुद भी ऐसे रिश्तों से गुजर चुका हूं, जहां कभी उन्होंने गलती की और कभी मुझसे गलती हुई। इंसान का दिल कमजोर होता है और वह वहां जाना चाहता है जहां उसे खुशी मिलती है। अगर दो लोग अलग होकर खुशी तलाशना चाहते हैं तो इसमें गलत क्या है?"

उन्होंने कहा, ''अगर मैं खुद किसी ऐसे रिश्ते में हूं जिसमें प्यार न बचा हो, तो मैं उससे बाहर निकलना पसंद करूंगा। शायद ऐसा करने पर कोई व्यक्ति पैसा या संपत्ति भी खो सकता है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि वह अपनी इज्जत और आत्मसम्मान बचा सकता है।''

विक्रम भट्ट ने विजय और तृषा को लेकर कहा कि उन्हें इस बात में गरिमा दिखाई देती है कि अगर कोई भावना मौजूद है तो उसे छिपाने की बजाय स्वीकार किया जाए। समाज में कई लोग ऐसे भी होते हैं जो बाहर से नैतिकता की बात करते हैं, लेकिन खुद अपनी जिंदगी में अलग तरह का व्यवहार करते हैं।

दरअसल, हाल ही में विजय और तृषा को चेन्नई में एक शादी के समारोह में साथ देखा गया था। इसके बाद उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। इसी दौरान विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने तलाक की अर्जी दायर की, जिसमें उन्होंने विजय पर एक अभिनेत्री के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया। हालांकि अब तक न तो विजय और न ही तृषा कृष्णन ने इन अफवाहों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।

--आईएएनएस

पीके/वीसी

Share:

Leave A Reviews

Related News