
नई दिल्ली. भारत सरकार ने बीजिंग के साथ महत्वपूर्ण राजनयिक संबंधों को मजबूती देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अनुभवी वरिष्ठ राजनयिक विक्रम के. दोरईस्वामी को चीन में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस नियुक्ति की पुष्टि की। दोरईस्वामी वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम (UK) में भारत के उच्चायुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, श्री दोरईस्वामी के जल्द ही बीजिंग में अपना नया पदभार संभालने की उम्मीद है। वह प्रदीप कुमार रावत का स्थान लेंगे, जो वर्तमान में चीन में भारतीय राजदूत के रूप में तैनात हैं। चीन के साथ जारी सीमा विवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा की चुनौतियों के बीच दोरईस्वामी की यह नियुक्ति रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विक्रम के. दोरईस्वामी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के एक बेहद अनुभवी अधिकारी हैं और उन्हें एशियाई कूटनीति का गहरा ज्ञान है। इससे पहले वे बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया और उज्बेकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में सफल कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। वह 1990 के दशक में भी बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में तैनात रह चुके हैं, जिससे उन्हें चीनी कार्यशैली और वहां की क्षेत्रीय राजनीति की बारीक समझ है।
राजनयिक हलकों में दोरईस्वामी की नियुक्ति को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उनके व्यापक अनुभव और पड़ोसी देशों के साथ बेहतर समन्वय की क्षमता से उम्मीद की जा रही है कि भारत और चीन के बीच ठंडे पड़े द्विपक्षीय संबंधों और संवाद की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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