नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। भारतीय टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज ने कहा है कि देश के टेनिस भविष्य के लिए उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश एक भारतीय एकल खिलाड़ी को विंबलडन खिताब के लिए मुकाबला करते देखना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ डबल्स में सफलता इस खेल में भारत की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदों को पूरा नहीं कर सकती।
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नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। भारतीय टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज ने कहा है कि देश के टेनिस भविष्य के लिए उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश एक भारतीय एकल खिलाड़ी को विंबलडन खिताब के लिए मुकाबला करते देखना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ डबल्स में सफलता इस खेल में भारत की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदों को पूरा नहीं कर सकती।
अमृतराज ने युकी भांबरी और श्रीराम बालाजी समेत मौजूदा खिलाड़ियों पर चर्चा करते हुए भारतीय टेनिस की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। यह पूछे जाने पर कि क्या आज भारतीय टेनिस को खेल को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत रोल मॉडल या बेहतर खिलाड़ियों की जरूरत है। डेविस कप के पूर्व दिग्गज ने दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने में सक्षम एकल भारतीय खिलाड़ी को तैयार करने पर जोर दिया।
विंबलडन 2026 से पहले जियोस्टार मीडिया डे के दौरान अमृतराज ने आईएएनएस से कहा, "युकी भांबरी और श्रीराम बालाजी सभी बहुत अच्छे डबल्स खिलाड़ी हैं, लेकिन इससे आपको विंबलडन जीतने या विंबलडन में अच्छा करने या टॉप 100 या टॉप 50 या टॉप 20 में जगह बनाने या भारत को डेविस कप फाइनल में पहुंचाने का मौका नहीं मिलता। यही यहां की खास बात है।"
1974 और 1987 में भारतीय टीम को डेविस कप फाइनल तक पहुंचाने वाले अमृतराज ने कहा कि सफलता का पैमाना सिर्फ ग्रैंड स्लैम में मुकाबला करना नहीं है, बल्कि खेल के सबसे बड़े स्टेज पर दुनिया के शीर्ष रैंक वाले एकल खिलाड़ियों को लगातार चुनौती देना है।
हाल ही में पद्म भूषण से सम्मानित किए गए अमृतराज ने कहा, "इसका सबसे जरूरी हिस्सा यह है कि आप खेल के लिए एक प्रतिबद्धता करते हैं और इसे सबसे ऊंचे स्तर पर खेलते हैं, और आपको चैंपियनशिप में दुनिया के श्रेष्ठ, शीर्ष 128 खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करना होता है। यहीं आप प्रदर्शन करना चाहते हैं। यहीं आप विंबलडन जीतना चाहते हैं, तिरंगा लहराते हुए एकल मैच खेलना चाहते हैं। यही लक्ष्य है।"
पूर्व विंबलडन क्वार्टर-फाइनलिस्ट ने कहा कि उनका निजी सपना इतने सालों में बदला है। अब उन्हें उम्मीद है कि जब वह माइक्रोफोन के पीछे होंगे तो सेंटर कोर्ट पर एक भारतीय एकल खिलाड़ी को मुकाबला करते हुए देखेंगे।
उन्होंने कहा, "पिछले 20 साल, 15 साल में मेरा लक्ष्य सच में टेलीविजन में रहा है, जहां मैं विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर एकल में खेल रहे किसी भारतीय पर कमेंट्री कर सकूं, जहां उसके जीतने का मौका हो। यही मेरा लक्ष्य है। मुझे लगता है कि यहीं पर प्रतिबद्धता, उत्साह और यह सब एक साथ आता है जब वह व्यक्ति पांचवें सेट में 4-1 से आगे हो।"
अमृतराज ने उम्मीद जताई कि जल्द ही कोई भारतीय खिलाड़ी विंबलडन एकल में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देता हुआ दिखेगा।
--आईएएनएस
पीएके
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