नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हरियाणा कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि विपक्ष जमीन पर कहीं नहीं है और कांग्रेस ने जमीनी नेताओं को बाहर कर अपनी ही फौज खत्म कर ली है।
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नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हरियाणा कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि विपक्ष जमीन पर कहीं नहीं है और कांग्रेस ने जमीनी नेताओं को बाहर कर अपनी ही फौज खत्म कर ली है।
श्रुति चौधरी ने कहा, "विपक्ष जो कर रहा है, उन्हें शोभा नहीं देता है, क्योंकि ये जमीन पर कहीं भी नहीं दिखते हैं। मैं खुद पहले कांग्रेस में थी, इसी पार्टी से 2014 और 2019 के चुनाव लड़े। मुझे याद है कि कैसे लंबी कतारें लगी हुई थीं, मेरे पोलिंग के दिन लोग भाजपा के लिए वोट कर रहे थे। हमने खुद देखा है, इस बार भी हमने देखा कि कैसे लोगों में भाजपा के लिए उत्साह था। लोग जागरूक हैं।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी लीडरशिप को बाहर कर दिया है। ये सिर्फ हरियाणा में नहीं, बाकी जगह भी है। इन्होंने अपने इलाके में जमीनी स्तर से जुड़े लोगों को निकालने का काम किया। पार्टी में कुछ बचा ही नहीं है। ये लोग कहां से लड़ाई लड़ेंगे, जब इनकी फौज ही नहीं है?
वहीं ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की। इधर शिवसेना और भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर लोकतंत्र को बदनाम करने और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, "कांग्रेस ने हमेशा लोगों के विरोध का समर्थन किया है और हम ऐसा करते रहेंगे, लेकिन जब पुलिस बेकाबू हो जाती है और सरकार अपना आपा खो देती है, घमंडी हो जाती है और पावर के नशे में चूर हो जाती है तो वह गलत कामों, अन्याय और करप्शन को छिपाने की कोशिश करती है।"
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और वोट चोरी के आरोप सामने आए हैं और उन्हें उनके पद से हटा देना चाहिए। कई आपत्तियां आई हैं और पूरा देश उनके बारे में जानता है। सरकार उन्हें क्यों बचा रही है।
वहीं, जंतर-मंतर पर एक लड़की के साथ हुए दुर्व्यवहार वाले वायरल वीडियो पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने कहा, "जब बेटियां पढ़-लिख जाती हैं, प्रोटेस्ट में हिस्सा लेती हैं, अपने हक के लिए जागरूक हो जाती हैं, आपसे सवाल करने लगती हैं और आपसे डरना बंद कर देती हैं, जब वे लोकतंत्र और संविधान के बारे में बोलना शुरू करती हैं, तो उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जाता है।"
उन्होंने कहा कि यही आपके कामों की सच्चाई है। दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर पोस्ट करना, 'नारी वंदन' की बात करना और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे नारे लगाना, यह सब शर्म की बात है।
शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा, "राहुल गांधी हर दिन बोलते हैं और उनके भाषण टीवी पर दिखाए जाते हैं और अखबारों में छपते हैं। उनका दावा है कि लोकतंत्र नहीं है। अगर लोकतंत्र नहीं होता, तो सरकार के खिलाफ उनके भाषण टीवी पर नहीं दिखाए जाते। अखबारों में नहीं छपते या सोशल मीडिया पर शेयर नहीं किए जाते। यह बात कि उनके बयानों को बड़े पैमाने पर फैलाया जा रहा है, यह दिखाता है कि भारत में लोकतंत्र बहुत सक्रिय है, जिसकी वजह से राहुल गांधी ये सब बातें कह पाते हैं।"
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह बहुत बुरा है। कांग्रेस, खासकर उसके टॉप लीडरशिप की सोच पहले खराब थी, लेकिन अब पूरी तरह से नफरत भरी हो गई है। जब भी भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की, उन्होंने सेना पर सवाल उठाए। जब भी भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोई मजबूत स्टैंड लिया, तो वे भारत का ही विरोध करने लगे। हमने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत होते और दुनियाभर में उसका असर बढ़ते देखा है। इसके बावजूद यह हैरानी की बात है कि राहुल गांधी देश की इमेज बनाने की कोशिश कैसे करते हैं। अपने निजी विरोध में वह पूरे देश को बदनाम करने को तैयार हैं, जो बहुत बुरा है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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