Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी ऑर्गेनिक मसाला प्रोसेसिंग यूनिट का किया उद्घाटन


नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मेघालय के री-भोई जिले के भोइरिमबोंग में पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी ऑर्गेनिक मसाला प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन किया। इस मौके पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और सिक्किम के मुख्यमंत्री पी.एस. तमांग गोले भी मौजूद थे।

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मेघालय के री-भोई जिले के भोइरिमबोंग में पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी ऑर्गेनिक मसाला प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन किया। इस मौके पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और सिक्किम के मुख्यमंत्री पी.एस. तमांग गोले भी मौजूद थे।

यह मसाला प्रोसेसिंग यूनिट 'ईस्टर्न री-भोई ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी' (एफपीसी) के तहत बनाई गई है। यह किसानों की अपनी कंपनी है जिसे भारत सरकार की योजना 'मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन' (एमओवीसीडी-एनईआर) के तहत बढ़ावा दिया गया है।

यह फैक्ट्री नॉर्थ-ईस्ट में पहली ऑर्गेनिक सर्टिफाइड मसाला प्रोसेसिंग यूनिट है और उम्मीद है कि यह इस इलाके में ऑर्गेनिक खेती के क्षेत्र के लिए एक अहम संस्थान बनेगी।

वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, यह हर साल 10,000 मीट्रिक टन से ज्यादा कीमती ऑर्गेनिक मसालों (जैसे अदरक, हल्दी, काली मिर्च और मिर्च) की प्रोसेसिंग कर सकती है।

ईस्टर्न री-भोई ऑर्गेनिक एफपीसी ने कलेक्शन और एग्रीगेशन सेंटर, प्रोसेसिंग सुविधाएं, कोल्ड स्टोरेज, वर्मीकम्पोस्ट यूनिट, हायरिंग सेंटर और ट्रांसपोर्टेशन सुविधाएं जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए हैं।

यह यूनिट 'नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन' (एनपीओपी) और ईयू ऑर्गेनिक स्टैंडर्ड्स के तहत सर्टिफाइड है, जिससे इसे प्रीमियम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑर्गेनिक मार्केट तक सीधी पहुंच मिलती है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस प्रोसेसिंग सुविधा से मेघालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लगभग 5,500 ऑर्गेनिक किसानों को सीधे फायदा होने की उम्मीद है। इससे ऑर्गेनिक उपज की वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग बेहतर होगी, आधुनिक स्टोरेज और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा, और एग्रीगेशन व क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम को मजबूत किया जा सकेगा।

इसके अलावा, इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ सीधा संपर्क बनेगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।

बयान में कहा गया है कि इससे प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके भी पैदा होंगे और नॉर्थ-ईस्ट से सर्टिफाइड ऑर्गेनिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं, स्पाइसेस बोर्ड इंडिया के अनुसार, भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारतीय मसालों के निर्यात के मौकों में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। बेहतर मार्केट एक्सेस, रेगुलेटरी सहयोग और व्यापार में अधिक निश्चितता से पूरी वैल्यू चेन में एक्सपोर्टर्स, किसानों और एमएसएमई को फायदा होने की संभावना है।

भारतीय मसालों के लिए ईयू सबसे अधिक मूल्य वाले और कड़े नियमों वाले बाजारों में से एक बना हुआ है, और प्रीमियम निर्यात में इसकी बड़ी हिस्सेदारी है।

--आईएएनएस

एबीएस

Share:

Leave A Reviews

Related News