
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ के बामन गांव में एक खेत में बन रहा कुआं अचानक भरभरा कर धंस गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कुएं के भीतर काम कर रहीं दो महिलाएं, जो आपस में सास-बहू हैं, भारी-भरकम मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इस खिलचीपुर कुआं धंसने का हादसा में टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद एक बुजुर्ग महिला का शव मलबे से बाहर निकाल लिया है, जबकि उनकी बहू को सुरक्षित बचाने के लिए बचाव दल अभी भी लगातार खुदाई में जुटा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदय विदारक घटना बुधवार दोपहर खिलचीपुर के ग्राम बामन में घटित हुई। यहाँ कांग्रेस नेता और जनपद सदस्य मुकेश कोट (डांगी) के निजी खेत में नए कुएं के निर्माण और खुदाई का काम चल रहा था। बुधवार को कुएं के भीतर जमा हुई मिट्टी और पत्थरों को साफ करने के लिए जनपद सदस्य की 60 वर्षीय मां रूपाबाई और उनकी 30 वर्षीय पत्नी पिंकीबाई कुएं के अंदर उतरी थीं। दोनों महिलाएं जब काम में जुटी थीं, तभी अचानक कुएं के ऊपरी हिस्से की ढीली मिट्टी भरभरा कर नीचे गिरने लगी। महिलाओं को संभलने या भागने का मौका मिलता, इससे पहले ही टनों वजनी मलबा उनके ऊपर आ गिरा और दोनों सास-बहू गहरे मलबे में समा गईं।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े और अपने स्तर पर मिट्टी हटाने का प्रयास किया। हालांकि, मलबे की मात्रा अत्यधिक होने के कारण वे दोनों को बाहर निकालने में असमर्थ रहे, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को सूचित किया गया। सूचना पाते ही एसडीएम अंकिता जैन और स्थानीय तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। खिलचीपुर कुआं धंसने का हादसा की गंभीरता को देखते हुए तुरंत तीन जेसीबी (JCB) मशीनों को काम पर लगाया गया। राहत और बचाव कार्य को गति देने के लिए राजगढ़ जिला मुख्यालय से होमगार्ड के एक्सपर्ट जवानों की टीम भी बामन गांव के लिए रवाना की गई है। फिलहाल घटनास्थल पर करीब 50 से अधिक लोगों की रेस्क्यू टीम लगातार मिट्टी हटाने की कोशिशों में जुटी है।
सटीक और भारी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम ने मलबे की परतों को हटाते हुए आखिरकार एक महिला तक पहुंच बनाई, लेकिन बेहद दुखद बात यह रही कि तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। बरामद किया गया शव जनपद सदस्य की मां रूपाबाई (60) का है, जिसे पंचनामा बनाकर अस्पताल भेजा गया है। वहीं, उनकी बहू पिंकीबाई (30) को सकुशल बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी बिना रुके जारी है। हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्रीय विधायक हजारीलाल दांगी और जिला पंचायत सीईओ (CEO) इच्छित गढ़पाले भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। इस भीषण हादसे के बाद से पूरे बामन गांव में मातम और शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई पिंकीबाई की सलामती की दुआ कर रहा है।
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