
वृंदावन/मथुरा. मथुरा के वृंदावन में केसी घाट के पास 10 अप्रैल को हुए भीषण स्टीमर हादसे के बाद रविवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही इस जल त्रासदी में मरने वालों की कुल संख्या 13 तक पहुँच गई है। लापता अन्य 3 श्रद्धालुओं की तलाश के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार यमुना में सर्चिंग कर रही हैं।
हादसे की मुख्य बातें
पंजाब के थे श्रद्धालु: लुधियाना और मुक्तसर (पंजाब) से लगभग 150 श्रद्धालुओं का एक दल बांके बिहारी के दर्शन के लिए वृंदावन आया था। इनमें से करीब 32 लोग एक स्टीमर में सवार होकर यमुना पार कर रहे थे।
कैसे हुआ हादसा: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में मौजूद एक पांटून पुल (Pontoon Bridge) के ड्रम से टकराकर पलट गई।
बचाव कार्य: हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया था, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही का शक: शुरुआती जांच में सामने आया है कि पांटून पुल की मरम्मत का काम चल रहा था और नदी में ड्रम असुरक्षित तरीके से छोड़े गए थे। पुलिस ने नाव चालक (पप्पू निषाद) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।
लापता लोगों की तलाश जारी
मथुरा के डीएम और एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि रेस्क्यू टीमें घटनास्थल से कई किलोमीटर आगे तक सर्च कर रही हैं। नदी के तेज बहाव के कारण शवों के दूर बह जाने की आशंका है। आर्मी के 'स्ट्राइक वन कोर' के जवान भी इस ऑपरेशन में सहयोग कर रहे हैं।
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