गुवाहाटी, 10 मई (आईएएनएस)। समय की पाबंदी में सुधार, ट्रेन संचालन को सुव्यवस्थित करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने अपने नेटवर्क पर चलने वाली 80 से अधिक ट्रेन सेवाओं के समय में संशोधन किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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गुवाहाटी, 10 मई (आईएएनएस)। समय की पाबंदी में सुधार, ट्रेन संचालन को सुव्यवस्थित करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने अपने नेटवर्क पर चलने वाली 80 से अधिक ट्रेन सेवाओं के समय में संशोधन किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि कई अतिरिक्त मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर, डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) और लंबी दूरी की ट्रेन सेवाओं के संशोधित समय 30 अप्रैल, 2026 से लागू हो गए हैं।
संशोधित समय सारिणी में 80 से अधिक ट्रेन सेवाएं शामिल हैं और यह समय की पाबंदी में सुधार, ट्रेन संचालन को सुव्यवस्थित करने और असम, अन्य पूर्वोत्तर राज्यों, आसपास के क्षेत्रों और उससे आगे यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।
सीपीआरओ के अनुसार, संशोधित समय सारिणी में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन से आने-जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं।
जिन प्रमुख ट्रेनों के समय में संशोधन किया गया है, उनमें नाहरलागुन-गुवाहाटी शताब्दी एक्सप्रेस, आनंद विहार-अगरतला तेजस राजधानी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, सिलचर-न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस, गुवाहाटी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस और गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल हैं।
शर्मा ने बताया कि गुवाहाटी, कामाख्या, लुमडिंग, न्यू हाफलोंग, बदरपुर, डिब्रूगढ़, न्यू तिनसुकिया, रंगिया, सिलचर और अगरतला सहित प्रमुख स्टेशनों पर भी संशोधित समय सारिणी लागू कर दी गई है।
बेहतर कनेक्टिविटी और जोन के विभिन्न खंडों में सुचारू ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए असम और त्रिपुरा में कई यात्री और डीएमयू सेवाओं का समय भी पुनर्निर्धारित किया गया है।
शर्मा के अनुसार, संशोधित समय सारणी से परिचालन में देरी कम होने, खंडीय परिचालन समय प्रबंधन में सुधार होने और अल्प दूरी और दीर्घ दूरी दोनों सेवाओं पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए समय की पाबंदी सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
उन्होंने आगे कहा कि इन परिवर्तनों से प्रमुख जंक्शनों और टर्मिनलों पर बेहतर कनेक्टिविटी बनाए रखने में मदद मिलेगी, साथ ही पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे क्षेत्र में ट्रेन संचालन की समग्र दक्षता में भी वृद्धि होगी।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस), यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) पूछताछ प्लेटफार्मों या निकटतम रेलवे स्टेशनों के माध्यम से संशोधित ट्रेन समय की पुष्टि कर लें।
गुवाहाटी के पास मालिगांव में मुख्यालय वाली पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सात जिलों और उत्तरी बिहार के पांच जिलों में संचालित होती है।
--आईएएनएस
एमएस/
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