नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने शिवसेना (यूबीटी) और विपक्षी दलों पर कई मुद्दों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। वहीं, विभिन्न नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लेकर भी तीखे बयान सामने आए हैं।
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नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने शिवसेना (यूबीटी) और विपक्षी दलों पर कई मुद्दों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। वहीं, विभिन्न नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लेकर भी तीखे बयान सामने आए हैं।
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के पार्टी संपर्क में होने के सवाल पर कहा कि वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने पहले ही स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन टाइगर' जैसी किसी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वर्तमान में सरकार के पास बहुमत है और कोई चुनाव भी नहीं है। ऐसे किसी राजनीतिक ऑपरेशन की कोई जरूरत नहीं है और पार्टी स्थिर स्थिति में है।
इसी दौरान, कॉमेडी शो में कथित विवादित टिप्पणियों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी गई। वाघमारे ने कहा कि किसी भी स्टैंड-अप कॉमेडी या टॉक शो में किसी मृत व्यक्ति के शरीर या उनसे जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियां करना पूरी तरह गलत है। इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए कहा कि एक डॉक्टर जैसे पेशेवर व्यक्ति द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना और मजाक बनाना निंदनीय है।
टीएमसी के भीतर कथित असंतोष को लेकर भी राजू वाघमारे ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से कई सांसद नाराज बताए जा रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी में कई बार ऐसे हालात बनते हैं जब नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच असहमति खुलकर सामने आने लगती है।
इसी विषय पर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के दौरान अभिषेक बनर्जी का प्रभाव काफी अधिक था और कई फैसलों में उनकी भूमिका प्रमुख रहती थी।
वहीं, भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने टीएमसी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी में भारी असंतोष है और जनता के बीच भी सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का गठन कांग्रेस से अलग होकर हुआ था और उसके शुरुआती दौर में भी राजनीतिक टकराव की स्थितियां रही थीं।
--आईएएनएस
एसएके/एमएस
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