जयपुर, 7 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव के साथ काम करने वाली अपनी एआईसीसी सचिवों की टीम में फेरबदल किया है। पार्टी ने छह मौजूदा पदाधिकारियों को हटाकर उनकी जगह नए नेताओं को नियुक्त किया है।
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जयपुर, 7 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव के साथ काम करने वाली अपनी एआईसीसी सचिवों की टीम में फेरबदल किया है। पार्टी ने छह मौजूदा पदाधिकारियों को हटाकर उनकी जगह नए नेताओं को नियुक्त किया है।
जिन नेताओं को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है, उनमें राजस्थान के नेता और सचिन पायलट के करीबी समर्थक धीरज गुर्जर भी शामिल हैं, जो लगभग सात साल से उत्तर प्रदेश यूनिट से जुड़े हुए थे।
उनकी जगह राजस्थान के पूर्व विधायक जगदीश चंद्र जांगिड़ को लाया गया है, जिन्हें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है।
जांगिड़ को एआईसीसी सचिव नियुक्त किया गया है और उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव के साथ काम करने के लिए नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश के लिए नए नियुक्त एआईसीसी सचिवों में जगदीश चंद्र जांगिड़, अभिषेक दत्त, कुणाल चौधरी, संजीव आर्य, वरुण चौधरी और अब्दुल मन्नान शामिल हैं।
ये नेता धीरज गुर्जर, नीलांशु चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, सत्यनारायण पटेल और तौकीर आलम की जगह लेंगे, जिन्हें उनके काम से मुक्त कर दिया गया है।
धीरज गुर्जर को पहली बार 2019 में राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए एआईसीसी सचिव नियुक्त किया गया था।
बाद में संगठन में हुए बदलावों के बाद, गुर्जर को प्रियंका गांधी के साथ काम करने के लिए लगाया गया और वे उत्तर प्रदेश में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे। मल्लिकार्जुन खड़गे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद भी उनकी जिम्मेदारी बनी रही और पार्टी ने 2024 में उन्हें उत्तर प्रदेश के लिए सह-प्रभारी सचिव के तौर पर फिर से नियुक्त किया।
उत्तर प्रदेश के लिए पहले नियुक्त किए गए छह एआईसीसी सचिवों में गुर्जर राजस्थान से एकमात्र नेता थे। जांगिड़ की नियुक्ति के साथ, पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठनात्मक ढांचे में राजस्थान का प्रतिनिधित्व बना हुआ है, हालांकि अब यह प्रतिनिधित्व एक अलग नेता के जरिए होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गुर्जर के लंबे कार्यकाल के अलावा, संगठन और राजनीति से जुड़ी बदलती परिस्थितियों ने भी इस फेरबदल में भूमिका निभाई होगी।
भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक धीरज गुर्जर को प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता है और वे राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट गुट से जुड़े माने जाते हैं।
मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में आने से पहले उन्होंने एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के जरिए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
सादुलशहर से कांग्रेस के पूर्व विधायक जगदीश चंद्र जांगिड़ को राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख ओबीसी नेताओं में से एक माना जाता है। दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएट और पेशे से वकील, उन्हें आम तौर पर अशोक गहलोत के खेमे का माना जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी के साथ एआईसीसी सचिव के तौर पर उनकी नियुक्ति को कांग्रेस नेतृत्व की उस कोशिश के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें वे संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ अहम राजनीतिक जिम्मेदारियों के लिए किसी प्रमुख ओबीसी चेहरे को आगे लाना चाहते हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/डीएससी
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