
नई दिल्ली। न्यूयॉर्क के एक राजनीतिक प्रतिनिधि जोहरान ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने औपनिवेशिक इतिहास और सांस्कृतिक संपत्ति की वापसी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ममदानी ने कहा कि यदि उनकी ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय से बातचीत होती है, तो वह औपचारिक मुद्दों से आगे बढ़कर कोहिनूर हीरे की वापसी का सवाल उठाएंगे।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर मैं राजा से बात करता, तो मैं उनसे कोहिनूर हीरा वापस करने के लिए कहता।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन के राजा और रानी कैमिला न्यूयॉर्क की यात्रा पर हैं और 9/11 हमलों की 25वीं बरसी से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
ममदानी की पृष्ठभूमि भी चर्चा में रही, क्योंकि उनकी मां भारतीय मूल की फिल्म निर्माता मीरा नायर हैं, और उनका परिवार भारत, युगांडा और अमेरिका से जुड़ा रहा है। उनके बयान को कई लोग औपनिवेशिक इतिहास पर एक राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं।
कोहिनूर हीरा भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यह मूल रूप से भारत की कोल्लूर खान से निकला था और मुगलों व सिख शासकों सहित कई राजवंशों के पास रहा। 1849 में दूसरे एंग्लो-सिख युद्ध के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण में आने के बाद इसे ब्रिटिश राजशाही को सौंप दिया गया था।
आज यह हीरा ब्रिटेन के टॉवर ऑफ लंदन में रखा गया है और इसे क्वीन मदर के ताज का हिस्सा माना जाता है। भारत में लंबे समय से इसे “औपनिवेशिक काल में लिया गया खजाना” मानकर इसकी वापसी की मांग उठती रही है। यह बहस केवल भारत तक सीमित नहीं है; ग्रीस और कई अफ्रीकी देशों में भी ऐतिहासिक वस्तुओं की वापसी की मांग लगातार उठ रही है।
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