नई दिल्ली. लंदन से मुंबई जा रही वर्जिन अटलांटिक फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण तुर्की के दियारबकीर एयरपोर्ट पर 30 घंटे से अधिक समय से फंसी हुई है, जिसमें 260 से अधिक यात्री सवार हैं. एयरलाइन ने इसे “हार्ड लैंडिंग” बताया, जिसके बाद विमान को उड़ान के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया. जहाँ चालक दल को होटल में भेज दिया गया, वहीं यात्री एयरपोर्ट के प्रतिबंधित ट्रांजिट एरिया में रुके हुए हैं, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है.
यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन ने भोजन, शौचालय, चार्जिंग पॉइंट जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराईं. आप नेता प्रीति शर्मा-मेनन ने एक्स पर लिखा कि “275 यात्रियों के लिए सिर्फ एक शौचालय है, कोई प्रतिनिधि संपर्क में नहीं है, फोन चार्जिंग की सुविधा भी नहीं है.”
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया:
तुर्की में भारतीय दूतावास ने कहा कि वे वर्जिन अटलांटिक और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं. कुछ यात्रियों को नजदीकी होटल में शिफ्ट किया गया है और बैकअप फ्लाइट सुबह 9 बजे तक तैयार होने की उम्मीद है. फंसे यात्रियों में बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बीमार लोग भी शामिल हैं, जिनकी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है.