
सागर. मध्य प्रदेश के सागर जिले के कैंट थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक 13 वर्षीय बेसहारा नाबालिग किशोरी के साथ एक परिचित महिला के पति द्वारा जबरन दुष्कर्म (Minor Raped) किए जाने का मामला उजागर हुआ है। आरोपी ने न केवल मासूम की बेबसी का फायदा उठाया, बल्कि वारदात के बाद किसी को कुछ भी बताने पर उसे जान से मारने की खौफनाक धमकी भी दी। पीड़िता की हिम्मत के चलते मामला थाने पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कैंट थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित किशोरी की जिंदगी पहले से ही काफी संघर्षपूर्ण है। वह अपने परिवार के साथ नहीं रहती है और सागर शहर के सार्वजनिक स्थानों व रेलवे स्टेशन के पास भीख मांगकर किसी तरह अपना जीवन बसर करती है।
इसी दौरान कुछ समय पहले उसकी मुलाकात कंचन नाम की एक स्थानीय महिला से हुई थी। महिला ने सहानुभूति दिखाते हुए उसे अपने घर आने-जाने की अनुमति दी थी, जिसके चलते पीड़िता पहले भी एक-दो बार उस महिला के घर पर रुक चुकी थी और कंचन के पति को अच्छी तरह पहचानती थी।
दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात 7 जुलाई की रात करीब 12:00 बजे की है। पीड़िता उस वक्त सागर रेलवे स्टेशन के समीप मौजूद थी। इसी दौरान कंचन का पति मुकेश वहाँ पहुँचा। उसने मासूम को झांसा देते हुए कहा कि उसकी पत्नी (कंचन) उसे तुरंत घर बुला रही है। परिचित होने और कंचन पर पूरा भरोसा होने के कारण मासूम बिना किसी शक के मुकेश के साथ उसके घर चली गई।
घर के अंदर का खौफनाक मंजर:
पीड़िता का आरोप है कि जब वह मुकेश के साथ उसके घर पहुंची, तो वहां कंचन या परिवार का कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। घर को सूना पाकर आरोपी मुकेश की नीयत बिगड़ गई। उसने तुरंत घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और मासूम की चीख-पुकार को दबाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
हैवानियत को अंजाम देने के बाद आरोपी मुकेश ने किशोरी को डराया-धमकाया और कहा कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को भी एक शब्द भी बताया, तो वह उसे जान से मार डालेगा। डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह वहां से निकली और गुरुवार को सीधे कैंट थाने पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई।
कैंट थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए आरोपी मुकेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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