
मंडला जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहाँ के प्रसिद्ध माहिष्मती घाट स्थित एनीकट के पास गुरुवार सुबह नर्मदा नदी में नहाने के दौरान एक 15 वर्षीय किशोर गहरे पानी में डूब गया। इस अचानक हुए मंडला नर्मदा नदी हादसा के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में किशोर की तलाश के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवदरा क्षेत्र का रहने वाला 15 वर्षीय क्षितिज परस्ते गुरुवार सुबह अपने दो दोस्तों के साथ माहिष्मती घाट पर नर्मदा नदी में नहाने के लिए आया हुआ था। नहाने के दौरान क्षितिज को नदी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वह धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चला गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण वह डूबने लगा और मदद के लिए चिल्लाने लगा। घाट पर मौजूद उसके दोस्तों ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन पानी गहरा होने की वजह से देखते ही देखते क्षितिज आंखों के सामने से ओझल होकर पानी में लापता हो गया।
इस मंडला नर्मदा नदी हादसा की खबर लगते ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश रघुवंशी, एसडीओपी पीयूष मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान तत्काल पुलिस बल के साथ माहिष्मती घाट पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में एसडीईआरएफ की रेस्क्यू बोट और कुशल गोताखोरों को नदी में उतारा गया है। महाजाल और आधुनिक उपकरणों की मदद से एनीकट के आसपास के पूरे जलक्षेत्र को खंगाला जा रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किशोर का कुछ पता नहीं चल पाया था।
इस घाट पर लगातार हो रहे हादसों ने स्थानीय लोगों को डरा दिया है। पिछले महज 30 दिनों के भीतर इस क्षेत्र में डूबने की यह चौथी बड़ी घटना है:
31 मई: सिवनी जिले के एक व्यक्ति की यहाँ डूबने से मौत हो गई थी।
15 जून: सोमवती अमावस्या के स्नान के दौरान तीन युवक डूबने लगे थे, जिनमें से दो को बचा लिया गया, लेकिन एक युवक की जान चली गई।
18 जून: बालाघाट जिले की एक महिला का शव छोटे रपटा पुल के पास नदी में तैरता हुआ मिला था।
आज की घटना: 15 वर्षीय क्षितिज परस्ते का गहरे पानी में लापता होना।
इस ताजा मंडला नर्मदा नदी हादसा के बाद प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि माहिष्मती घाट और एनीकट के पास पानी का बहाव और गहराई बेहद खतरनाक है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने यहाँ पर्याप्त चेतावनी बोर्ड (Danger Zone Signs) या सुरक्षा बैरिकेड्स नहीं लगाए हैं। घाटों पर सुरक्षाकर्मियों या होमगार्ड की तैनाती न होने से लोग बेखौफ गहरे पानी में उतर जाते हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील घाटों पर तत्काल स्थाई सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में मासूमों की जान सुरक्षित रहे।
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