
पांढुर्णा जिले में सोमवार को कृषि आदान विक्रेता संघ के आह्वान पर एक दिन का बंद रखा गया। जिलेभर में करीब 300 से अधिक खाद, बीज और कीटनाशक की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। यह बंद देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था, जिसमें विक्रेताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई।
बंद के दौरान विक्रेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी प्रमुख मांगें रखीं। संघ के जिलाध्यक्ष निकेश खानवे ने बताया कि वर्तमान नियमों के तहत यदि खाद, बीज या कीटनाशक के सैंपल फेल होते हैं, तो सीधे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मांग की कि ऐसी स्थिति में संबंधित कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया जाए और दुकानदारों को केवल गवाह के रूप में शामिल किया जाए।
विक्रेताओं ने खाद के साथ जबरन टैगिंग (लिंकिंग) की प्रक्रिया को बंद करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे व्यापार प्रभावित होता है और अनावश्यक दबाव बनता है। इसके अलावा, ई-टोकन प्रणाली को लेकर भी गंभीर समस्याएं सामने रखी गईं।
संघ के अनुसार, ई-टोकन सिस्टम के कारण किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है। विक्रेताओं ने इस प्रणाली में सुधार और तकनीकी खामियों को तुरंत दूर करने की मांग की है।
ज्ञापन में अवैध एचटीबीटी (HTBT) बीजों की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने की मांग भी शामिल रही। विक्रेताओं का कहना है कि ऐसे बीजों की बिक्री से न केवल किसानों को नुकसान होता है, बल्कि वैध व्यापार भी प्रभावित होता है।
इसके साथ ही, किसानों द्वारा की जाने वाली कथित झूठी शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित करने की मांग भी की गई है, ताकि दुकानदारों के साथ न्याय हो सके।
कृषि आदान विक्रेता संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो मध्य प्रदेश में भी महाराष्ट्र की तर्ज पर अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते समय संघ के अध्यक्ष निकेश खानवे, उपाध्यक्ष निकुंज शाह, महामंत्री रूपेश राजगुरु सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में विक्रेता मौजूद रहे।
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