
सागर (गढ़ाकोटा). मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक बेहद दिलचस्प और ईमानदारी की मिसाल पेश करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ गढ़ाकोटा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेगुवां में एक व्यक्ति को अपने मकान के निर्माण के लिए नींव खोदते समय जमीन के भीतर से 49 प्राचीन चांदी के सिक्के (Mughal Era Silver Coins) मिले। गृहस्वामी ने बिना किसी लालच के इन बेशकीमती सिक्कों को तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया, जिसकी अब पूरे इलाके में जमकर तारीफ हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम रेगुवां के रहने वाले दयाल अहिरवार (पिता प्रहलाद अहिरवार) इन दिनों अपने नए मकान का निर्माण कार्य करवा रहे थे। गुरुवार-शुक्रवार के दौरान जब मजदूर मकान की नींव के लिए जमीन की खोदाई कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी के भीतर एक पुराना धातु का पात्र (बर्तन) दबा हुआ दिखाई दिया। मजदूरों ने जब कौतूहलवश उस प्राचीन पात्र को बाहर निकाला और खोलकर देखा, तो सबके होश उड़ गए। उस बर्तन के अंदर चांदी के चमचमाते हुए 49 प्राचीन सिक्के रखे हुए थे।
जमीन से मिले इन सभी सिक्कों पर उर्दू और फारसी लिपि में कुछ ऐतिहासिक लेख अंकित हैं। सिक्कों की विशेष बनावट, आकार और उनके स्वरूप को देखते हुए पुरातत्व के जानकारों और पुलिस द्वारा प्राथमिक तौर पर इन्हें मुगलकालीन माना जा रहा है। जैसे ही गांव में खजाना मिलने की खबर फैली, दयाल अहिरवार के घर पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बिना लालच पुलिस को दी सूचना: आम तौर पर ऐसी प्राचीन चीजें मिलने पर लोग उसे छुपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन दयाल अहिरवार ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने अटूट ईमानदारी का परिचय देते हुए तत्काल गढ़ाकोटा थाना पुलिस को इस बात की सूचना दी और सभी 49 सिक्कों को सुरक्षित पुलिस को सौंप दिया।
गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शिवम दुबे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गृहस्वामी द्वारा सौंपे गए सभी 49 चांदी के सिक्कों को पुलिस ने विधिवत अपनी कस्टडी में ले लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार इन सिक्कों को वैज्ञानिक जांच और पुरातात्विक मूल्यांकन (Archaeological Evaluation) के लिए संबंधित पुरातत्व विभाग को भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुरातत्व विभाग की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही इन सिक्कों के वास्तविक ऐतिहासिक काल, उनके महत्व और बाजार मूल्य के संबंध में पूरी तरह से स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी।
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