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नर्मदापुरम: लिव-इन पार्टनर ने महिला के पेट और सीने में घोंपा चाकू, 28 घंटे बाद तोड़ा दम


नर्मदापुरम. मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ मालाखेड़ी रोड स्थित लाइफ स्टाइल कॉलोनी के पास रहने वाली एक 38 वर्षीय महिला की उसके ही लिव-इन पार्टनर ने बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद मोहल्ले के लोगों से यह कहते हुए फरार हो गया कि "मैंने उसे चाकू मार दिया है।" गंभीर रूप से घायल महिला करीब 28 घंटे तक अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ती रही, लेकिन आखिरकार गुरुवार रात उसने दम तोड़ दिया।

किराए के मकान में रहते थे दोनों

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान आशा यादव (38 वर्ष), पति मांगीलाल यादव के रूप में हुई है। वह लाइफ स्टाइल कॉलोनी के पास एक किराए के मकान में आरोपी गणपत चौरे के साथ पिछले कुछ समय से लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) में रह रही थी। आरोपी गणपत चौरे नंदविहार कॉलोनी के पास मजदूरी या कोई छोटा-मोटा काम करता था।

नंदविहार कॉलोनी के पास हुआ विवाद, सरेआम किया हमला

कोतवाली थाना टीआई (TI) गौरव सिंह बुंदेला ने बताया कि यह खूनी वारदात बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है। नंदविहार कॉलोनी के पास किसी बात को लेकर आशा और गणपत के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में पागल गणपत ने अपने पास रखा चाकू निकाला और आशा के पेट तथा सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।

मासूम बच्चियों ने दिखाई इंसानियत: वारदात के बाद जब महिला लहूलुहान होकर सड़क पर तड़प रही थी, तो आरोपी मौके से भाग निकला। इस दौरान वहां से गुजर रही दो छोटी बच्चियों ने हिम्मत दिखाई और घायल महिला को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया।

अटेंडर न होने से नहीं हो सका भोपाल रेफर, पेट में था गहरा घाव

जिला अस्पताल के डॉक्टर उदित भट्ट ने बताया कि जब बच्चियां महिला को लेकर आई थीं, तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी। महिला के पेट पर एक और सीने व गले के निचले हिस्से पर चाकू के तीन गहरे घाव थे। पेट का घाव ज्यादा गहरा होने के कारण अत्यधिक मात्रा में खून बह चुका था।

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत भोपाल रेफर करने की सलाह दी थी। लेकिन विडंबना देखिए, अस्पताल में महिला के साथ कोई भी अटेंडर (परिजन या मददगार) मौजूद नहीं था, जिसके कारण उसे भोपाल नहीं भेजा जा सका और स्थानीय आईसीयू में ही उसका इलाज किया जाता रहा। आखिरकार, गुरुवार रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

आरोपी फरार, परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस ने बताया कि मौत से पहले महिला होश में थी और उसके बयानों के आधार पर आरोपी गणपत चौरे के खिलाफ जानलेवा हमले (Attempt to Murder) का केस दर्ज किया गया था, जिसे अब हत्या (Murder) की धारा में तब्दील कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी गणपत फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। इसके साथ ही पुलिस मृतका आशा यादव के मूल निवास स्थान और उसके परिजनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है ताकि शव का अंतिम संस्कार कराया जा सके।

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