
बालाघाट जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। यहाँ पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देश पर एक बड़ी जबलपुर लोकायुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। लोकायुक्त की विशेष टीम ने एक सरकारी स्कूल के रिश्वतखोर लेखापाल को रंगे हाथ घूस लेते हुए दबोच लिया है।
यह पूरी जबलपुर लोकायुक्त कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के कुशल मार्गदर्शन में पूरी की गई। इस सफल ट्रेप के बाद से ही जिले के तमाम प्रशासनिक महकमों और भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
यह पूरा मामला वारासिवनी क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कायदी का है। यहाँ पदस्थ सहायक शिक्षक नरेंद्र कुमार डोहरे ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि स्कूल का आरोपी लेखापाल (एकाउंटेंट) वोमेंद्र कुमार रोकड़े उनसे वेतन विसंगति का बकाया एरियर निकालने के एवज में 4000 की रिश्वत की मांग कर रहा है।
पीड़ित शिक्षक नरेंद्र कुमार डोहरे का जुलाई 2017 से दिसंबर 2023 तक का कुल बकाया वेतन एरियर 94,085 बना था। इसमें से 66,557 की राशि उन्हें पहले ही मिल चुकी थी। शेष बचे 27,528 की राशि को ट्रेजरी से क्लियर कराने के लिए आरोपी लेखापाल लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था। परेशान होकर पीड़ित शिक्षक ने जबलपुर लोकायुक्त कार्रवाई की शरण ली।
शिक्षक की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की खुफिया टीम ने पूरे मामले का बेहद बारीकी और गुपचुप तरीके से सत्यापन कराया। शिकायत पूरी तरह सही पाए जाने पर 24 जून 2026 को स्कूल परिसर में जाल बिछाया गया।
जैसे ही आवेदक नरेंद्र कुमार ने आरोपी लेखापाल वोमेंद्र कुमार रोकड़े को केमिकल युक्त ₹4000 की घूस थमाई, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने जब आरोपी के हाथ धुलवाए तो पानी का रंग तुरंत गुलाबी हो गया, जो कि रिश्वत लेने का सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रमाण है। इस त्वरित जबलपुर लोकायुक्त कार्रवाई ने आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद आरोपी वोमेंद्र कुमार रोकड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7, 13(1)B और 13(2) के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इस शानदार जबलपुर लोकायुक्त कार्रवाई को अंजाम देने वाले विशेष ट्रेप दल में लोकायुक्त निरीक्षक राहुल गजभिए और टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
इस सफल जबलपुर लोकायुक्त कार्रवाई को पूरा करने के बाद लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से भी एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपके किसी जायज काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो बिल्कुल भी डरे नहीं।
जनता बिना किसी संकोच के सीधे लोकायुक्त कार्यालय से संपर्क स्थापित कर सकती है। इसके लिए विभाग ने अपना आधिकारिक पता 'पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त, सिविक सेंटर, जेडीए बिल्डिंग, तीसरी मंजिल, जबलपुर' जारी किया है। इसके अलावा किसी भी वक्त भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने के लिए मोबाइल नंबर 7999514544 पर भी सीधा संपर्क किया जा सकता है।
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