
नई दिल्ली. मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और युद्ध की आहट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) से सुरक्षित रास्ता दे दिया है. 'शिवालिक' के बाद अब भारत का दूसरा विशालकाय एलपीजी टैंकर 'नंदा देवी' भी इस अहम तेल मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुका है.
कूटनीति की जीत: पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन की वार्ता का असर
यह सुरक्षा कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत का नतीजा माना जा रहा है. भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतली ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि भारत ईरान का मित्र है और दोनों देशों के हित साझा हैं. उन्होंने संकट के समय भारत सरकार द्वारा दी गई मदद की भी सराहना की.
46,000 मीट्रिक टन गैस की सुरक्षित आपूर्ति
जहाज 'नंदा देवी' अपने साथ 46,000 मीट्रिक टन से अधिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आ रहा है. भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह खेप अत्यंत महत्वपूर्ण है. इससे पहले 'शिवालिक' भी इस मार्ग से सुरक्षित निकल चुका है.
भारतीय नौसेना का सुरक्षा कवच
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना (Indian Navy) इन जहाजों को अपनी सुरक्षा में 'नेवल एसेट्स' के जरिए गाइड कर रही है. 'शिवालिक' अगले दो दिनों में मुंबई या कांडला बंदरगाह पहुंच सकता है. फिलहाल दोनों जहाज खुले समुद्र में हैं और नौसेना की निगरानी में भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं.
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