
नई दिल्ली में भारत और बांग्लादेश के बीच एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसने दोनों देशों के रिश्तों में नए आयाम जोड़ने के संकेत दिए हैं। बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्लाह ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात कर रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और क्षेत्रीय स्थिरता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, सैनिकों के आदान-प्रदान और रक्षा सहयोग के नए अवसरों पर विचार किया। इस पहल को भारत-बांग्लादेश के रणनीतिक रिश्तों को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग न केवल दोनों देशों के बीच विश्वास को मजबूत करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा।
वहीं, भारत ने बांग्लादेश के साथ अपने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए ऊर्जा संकट के समय सहयोग भी बढ़ाया है। भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए हाई-स्पीड डीजल की आपूर्ति बढ़ाई गई है, जिससे बांग्लादेश को राहत मिली है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बीच भारत की यह मदद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजनीतिक स्तर पर भी हाल के महीनों में बदलाव देखने को मिला है। अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कुछ तनाव आया था। हालांकि अब नई सरकार के रुख में बदलाव और सहयोग की पहल से दोनों देशों के संबंध फिर से पटरी पर लौटते नजर आ रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ता सहयोग न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि दक्षिण एशिया में स्थिरता और सुरक्षा के लिए भी सकारात्मक संकेत देगा।
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