अहमदाबाद, 11 सितंबर (आईएएनएस)। अदाणी इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को आईएसएसओ ((इंडियन स्कूल स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन) चेस गेम्स 2026 की शुरुआत हुई। इस मौके पर भारत के स्टार ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंदा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
![]()
अहमदाबाद, 11 सितंबर (आईएएनएस)। अदाणी इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को आईएसएसओ ((इंडियन स्कूल स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन) चेस गेम्स 2026 की शुरुआत हुई। इस मौके पर भारत के स्टार ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंदा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
11 और 12 सितंबर को होने वाली इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में पूरे भारत के 102 इंटरनेशनल स्कूलों से 427 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इन गेम्स में लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए अंडर-11, अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 कैटेगरी शामिल हैं। प्रज्ञानंदा उद्घाटन के दिन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से बातचीत की और उन्हें आत्मविश्वास और उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रज्ञानंदा ने कहा, "पूरे भारत के स्कूलों से इतने सारे युवा खिलाड़ियों को एक साथ आते और इस लेवल पर मुकाबला करने का मौका मिलते देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस तरह के टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को दबाव में अपना खेल बेहतर करने और प्रतिस्पर्धी माहौल में ढलने में मदद करने के लिए जरूरी हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे उम्मीद है कि सभी इस अनुभव का आनंद लेंगे, हर गेम से सीखेंगे और कड़ी मेहनत करते हुए शतरंज के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाएंगे। मैं उनका हौसला बढ़ाने के लिए यहां आकर खुश हूं और सभी को शुभकामनाएं देता हूं।" गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें निखारने के महत्व पर जोर दिया। हर्ष संघवी ने कहा, "भारत के खेल भविष्य को बनाने के लिए कम उम्र में ही प्रतिभा की पहचान करना और उस प्रतिभा को निखारने व विकसित करने के लिए स्कूल लेवल पर सही प्लेटफॉर्म बनाना, दोनों ही जरूरी हैं। आईएसएसओ चेस गेम्स जैसे इवेंट युवा खिलाड़ियों को मुकाबला करने, अनुभव हासिल करने और अपने खेल के सफर में अगला कदम उठाने का मौका देते हैं।"
इस प्रतियोगिता का मकसद युवा खिलाड़ियों को हाई-लेवल इंटर-स्कूल शतरंज का अनुभव देना है, इसके साथ ही उनमें रणनीतिक सोच, एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और मुश्किलों का सामना करने का जज्बा पैदा करना है। आईएसएसओ की फाउंडर आकांक्षा थापक ने कहा कि 102 स्कूलों से 427 खिलाड़ियों की भागीदारी स्कूल लेवल पर प्रतिस्पर्धी शतरंज में बढ़ती दिलचस्पी को दिखाती है।
थापक ने कहा, "102 स्कूलों के 427 खिलाड़ियों की भागीदारी, स्कूली स्तर पर प्रतिस्पर्धी चेस में बढ़ती दिलचस्पी का एक शानदार उदाहरण है। छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंदा का हमारे साथ होना इस ओपनिंग को खास बनाता है।" आईएसएसओ चेस गेम्स को अदाणी ग्रुप का सहयोग मिला है, जो आईएसएसओ और स्कूली छात्रों के लिए खेल के मौके बनाने की उनकी कोशिशों से जुड़ा रहा है।
--आईएएनएस
एसएम/डीकेपी
Leave A Reviews