Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

बीसीसीआई ने सीओई में 'हेड स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन' पद के लिए फिर से मांगे आवेदन


नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को अपने आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में 'स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन' के हेड पद के लिए फिर से आवेदन मांगे हैं।

नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को अपने आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में 'स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन' के हेड पद के लिए फिर से आवेदन मांगे हैं।

बीसीसीआई ने पहले भी इस अहम पद को भरने के लिए आवेदन मंगाए थे, लेकिन कई वजहों से उसे कोई सही उम्मीदवार नहीं मिला। नितिन पटेल के लगभग तीन साल के सफल कार्यकाल के बाद सीओई छोड़ने के बाद से यह पद खाली है। भारतीय टीम के पूर्व फिजियोथेरेपिस्ट पटेल ने जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और मोहम्मद शमी की रिकवरी प्रक्रिया की देखरेख की थी और उन्हें 2023 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के लिए समय पर फिट कराया था।

बीसीसीआई ने अपनी मीडिया एडवाइजरी में कहा है कि इस पद पर चुने गए व्यक्ति को भारतीय क्रिकेट में स्पोर्ट्स साइंस और मेडिसिन से जुड़े सभी कामों की जिम्मेदारी संभालनी होगी। उसे एलीट क्रिकेट कार्यक्रमों के लिए योजना बनानी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ियों को बेहतर मेडिकल और फिटनेस सहायता मिले।

इस भूमिका में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) और टीम इंडिया के फिजियोथेरेपी तथा स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग विभागों का प्रबंधन भी शामिल होगा। चुने गए अधिकारी को इन विभागों के प्रमुखों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करना होगा। इसके अलावा, वह राष्ट्रीय टीम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोचों, क्रिकेट शिक्षा विभाग और अन्य प्रदर्शन विशेषज्ञों के साथ समन्वय करके खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर और एकीकृत सपोर्ट सिस्टम तैयार करेगा, ताकि उनकी फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन में सुधार हो सके।

बीसीसीआई ने कहा कि इस पद पर काम करने वाले व्यक्ति का मुख्य ध्यान खिलाड़ियों के लंबे करियर, उनकी फिटनेस और आधुनिक मेडिकल सुविधाओं के बेहतर इस्तेमाल पर होगा। चुने गए उम्मीदवार को खिलाड़ियों की सेहत का ध्यान रखने, चोटों से बचाने, चोट लगने पर उनकी रिकवरी और रिहैबिलिटेशन में मदद करने, शारीरिक विकास को बेहतर बनाने और नई रिसर्च व तकनीकों को अपनाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

बीसीसीआई के अनुसार, चुना गया उम्मीदवार स्पोर्ट्स साइंस और मेडिसिन विभाग के लिए नई योजनाएं और लक्ष्य तय करेगा तथा उन्हें लागू भी करेगा। इसके साथ ही वह मेडिकल सेवाओं की गुणवत्ता, खिलाड़ियों की सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और उनकी भलाई से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कामों की निगरानी करेगा, ताकि भारतीय क्रिकेटरों को सर्वोत्तम सहायता मिल सके।

इस पद पर चुना गया व्यक्ति खिलाड़ियों को चोटों से बचाने, उनकी फिटनेस बनाए रखने और चोट लगने पर उनकी रिकवरी व रिहैबिलिटेशन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। इसके अलावा, वह खिलाड़ियों के शारीरिक विकास, स्वास्थ्य प्रबंधन और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने से जुड़े कार्यक्रमों की देखरेख भी करेगा। उसे खेल विज्ञान से जुड़ी नई रिसर्च को बढ़ावा देने और विभिन्न संस्थानों के साथ साझेदारी विकसित करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी, ताकि खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

बीसीसीआई ने बताया कि इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास स्पोर्ट्स साइंस या इससे जुड़े किसी विषय में मास्टर डिग्री होना जरूरी है। हालांकि, जिन उम्मीदवारों के पास डॉक्टरेट की डिग्री होगी, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। इसके साथ ही, उम्मीदवार के पास पेशेवर या ओलंपिक स्तर के खेलों में अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम का नेतृत्व करने वाली भूमिका में कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए।

बीसीसीआई ने कहा है कि इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 60 साल से कम होनी चाहिए। चुने गए अधिकारी को सीधे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में क्रिकेट के प्रमुख और भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को रिपोर्ट करना होगा। इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद चुने गए उम्मीदवारों की सूची तैयार की जाएगी और उन्हें व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

इस महीने की शुरुआत में मुंबई में अपने हेडक्वार्टर में हुई एक समीक्षा बैठक के बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि बोर्ड लंबे समय से खाली पड़े इस पद को भरने में जल्दबाजी नहीं करेगा। सैकिया ने कहा, "स्पोर्ट्स साइंस के हेड का पद खाली होने से सीओई में हमारी गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। उस भूमिका के लिए सही और योग्य व्यक्ति को ही नियुक्त किया जाना चाहिए, सिर्फ क्वालिफिकेशन होना ही काफी नहीं है। इस मामले में सीओई में फिटनेस लेवल या रिहैब या प्रीहैब सुविधाओं को बनाए रखने के लिए हमारे पास लगभग 16 लोग हैं, लेकिन उनकी देखरेख के लिए एक अहम व्यक्ति की जरूरत है। ऐसे लोग भारत और पूरी दुनिया में बहुत कम हैं।"

--आईएएनएस

एसएम/एबीएम

Date & Time : 2026-09-11 18:45:08

Share:

Leave A Reviews

Related News