Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

अमेरिका ने वीजा के लिए सोशल मीडिया की जांच का दायरा बढ़ाया


वॉशिंगटन, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का दायरा विदेशी पत्रकारों और कुछ पेशेवरों तक बढ़ा दिया है। कड़ी जांच-पड़ताल की इस प्रक्रिया के तहत एच-1बी धारक वर्कर और विदेशी छात्रों को भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक करने होंगे।

वॉशिंगटन, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का दायरा विदेशी पत्रकारों और कुछ पेशेवरों तक बढ़ा दिया है। कड़ी जांच-पड़ताल की इस प्रक्रिया के तहत एच-1बी धारक वर्कर और विदेशी छात्रों को भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक करने होंगे।

स्टेट डिपार्टमेंट ने पिछले महीने इस विस्तार की घोषणा की थी, लेकिन यह नियम बुधवार से लागू हो गया।

स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, "इस जांच प्रक्रिया में मदद के लिए, आई, टीडी और टीएन नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा के सभी आवेदकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग को 'पब्लिक' या 'ओपन' पर सेट करें।"

यह बदलाव उन विदेशी पत्रकारों के लिए खास तौर पर अहम है जो काम के सिलसिले में अमेरिका जा रहे हैं, क्योंकि आई-वीजा आवेदकों को अब ऑनलाइन मौजूदगी की जांच के दायरे में साफ तौर पर शामिल किया गया है।

यह नियम स्क्रीनिंग की उस व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है जो उन कई वीजा कैटेगरी पर असर डालती है, जिनका इस्तेमाल अमेरिका जाने, वहां पढ़ाई करने या काम करने वाले भारतीय बड़े पैमाने पर करते हैं।

स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि ऑनलाइन जांच की व्यवस्था पहले से ही एच-1बी अस्थायी कर्मचारियों, एच-4 आश्रितों और एच-3 ट्रेनी पर लागू है। इसमें ए-1 और एम-1 छात्र और उनके एफ-2 और एम-2 आश्रित, जे-1 और जे-2 एक्सचेंज विजिटर और कई अन्य नॉन-इमिग्रेंट कैटेगरी भी शामिल हैं।

पहले से शामिल अन्य वीजा कैटेगरी में कुछ डिप्लोमैटिक और ऑफिशियल वीजा, धार्मिक कार्यकर्ताओं के लिए वीजा, इंटरनेशनल कल्चरल एक्सचेंज में भाग लेने वाले और मंगेतर वीजा शामिल हैं।

स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि आवेदकों की स्क्रीनिंग करते समय वह उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल यह तय करने के लिए करता है कि क्या वे देश में आने के योग्य हैं।

विभाग ने कहा, "वीजा स्क्रीनिंग और जांच के दौरान विभाग जानकारी के हर उपलब्ध स्रोत का इस्तेमाल उन आवेदकों की पहचान करने के लिए करता है, जिन्हें शायद यूनाइटेड स्टेट्स में आने की इजाजत न मिले, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।"

विभाग ने आगे कहा, "हम सभी वीजा आवेदकों के लिए जांच के इस कड़े स्टैंडर्ड को एक जैसा लागू करते हैं।"

विभाग ने घोषणा में यह नहीं बताया कि आवेदकों की सोशल मीडिया एक्टिविटी का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा या कौन सी पोस्ट या ऑनलाइन एक्टिविटी वीजा के फैसले पर असर डाल सकती है।

हालांकि, सोशल मीडिया अकाउंट को पब्लिक करने की जरूरत से कॉन्सुलर अधिकारियों को मंजूरी की प्रक्रिया के दौरान आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी की जांच करने में ज्यादा मदद मिलती है।

स्टेट डिपार्टमेंट ने वीजा मंजूरी की प्रक्रिया को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला बताया और कहा कि आवेदकों को उस कैटेगरी के लिए अपनी योग्यता साबित करनी होगी जिसके लिए वे आवेदन कर रहे हैं। हर वीजा का फैसला असल में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला होता है।

स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, "अमेरिका वीजा जारी करने की पूरी प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदकों का मकसद अमेरिकियों को नुकसान पहुंचाना या अमेरिकी हितों को खतरा पैदा करना नहीं है। हर आवेदक मांगे गए वीजा के लिए अपनी योग्यता को भरोसेमंद तरीके से साबित कर सके, जिसमें प्रवेश की शर्तों का पालन करने का सच्चा इरादा भी शामिल है।"

विभाग ने आगे कहा कि अमेरिकी वीजा मिलना "सरकार की मर्जी से मिलने वाला एक विशेषाधिकार है, न कि कोई अधिकार।"

यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी अधिकारी इमिग्रेशन और वीजा स्क्रीनिंग में आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी को तेजी से शामिल कर रहे हैं। ताजा बदलाव इस समीक्षा को लोगों के एक और समूह तक बढ़ाता है, जिनके काम के लिए अक्सर अमेरिका की यात्रा करनी पड़ती है। इनमें विदेशी मीडिया संगठनों के संवाददाता और अन्य प्रतिनिधि शामिल हैं।

--आईएएनएस

ओपी/एएस

Date & Time : 2026-10-03 08:45:06

Share:

Leave A Reviews

Related News