रांची, 17 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे दो अनशनकारियों ने बिगड़ती सेहत के बीच राज्य सरकार से मार्मिक अपील की है। भूख हड़ताल के 16वें दिन देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन छात्रों के न्याय और अधिकार की लड़ाई से पीछे हटने का सवाल नहीं है।
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रांची, 17 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे दो अनशनकारियों ने बिगड़ती सेहत के बीच राज्य सरकार से मार्मिक अपील की है। भूख हड़ताल के 16वें दिन देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन छात्रों के न्याय और अधिकार की लड़ाई से पीछे हटने का सवाल नहीं है।
वहीं, 14वें दिन की भूख हड़ताल पर बैठी हबीबा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा कि वह सरकार से टकराव नहीं, बल्कि संवाद चाहती हैं। सदर अस्पताल में इलाज करा रहे देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि भूख हड़ताल के 16वें दिन उनका ब्लड प्रेशर 84/39 दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से ब्लड प्रेशर लगातार कम बताया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें सीने में दर्द, चक्कर और सांस लेने में परेशानी हो रही है। जांच के दौरान शरीर में कीटोन की मात्रा भी पाई गई है और लगातार कमजोरी महसूस हो रही है।
महतो ने बताया कि सदर अस्पताल में एक्स-रे, रक्त जांच, शुगर जांच सहित अन्य चिकित्सकीय जांच लगातार की जा रही है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के न्याय और अधिकार की लड़ाई को लेकर उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश केवल आज की लड़ाई तक सीमित नहीं है। वह चाहते हैं कि झारखंड की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में ऐसे ठोस सुधार हों, जिससे आने वाली पीढ़ी को अपने अधिकार और बेहतर शिक्षा के लिए इस तरह संघर्ष न करना पड़े।
इधर, भूख हड़ताल के 14वें दिन अनशन पर बैठी हबीबा ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री, मैं आपसे टकराव नहीं, संवाद चाहती हूं।" उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन झारखंड के युवाओं के भविष्य और न्याय की उम्मीद ने उन्हें अब तक मजबूती दी है। हबीबा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए और बातचीत के माध्यम से इस संघर्ष का समाधान निकाला जाए।
उन्होंने कहा, "मैं अपने लिए नहीं, झारखंड के लाखों बेटे-बेटियों के भविष्य के लिए लड़ रही हूं।" दोनों अनशनकारियों की अपील ऐसे समय सामने आई है, जब जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के आंदोलन को 24 दिन पूरे हो चुके हैं और सरकार तथा छात्रों के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए आज देर शाम वार्ता प्रस्तावित है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी वर्ष 2024 में हुई जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
पूर्व में सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी की है। हालांकि, सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर अब तक सहमति नहीं बन सकी है।
--आईएएनएस
एसएनसी/डीकेपी
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