भुवनेश्वर, 17 अगस्त (आईएएनएस)। डिप्टी सीएम और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री प्रवती परिदा ने सोमवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के नए सदस्यों से कहा कि वे यह पक्का करें कि हर फैसले और कार्रवाई में 'बच्चे के सर्वोत्तम हित' सबसे अहम हों।
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भुवनेश्वर, 17 अगस्त (आईएएनएस)। डिप्टी सीएम और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री प्रवती परिदा ने सोमवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के नए सदस्यों से कहा कि वे यह पक्का करें कि हर फैसले और कार्रवाई में 'बच्चे के सर्वोत्तम हित' सबसे अहम हों।
प्रवती परिदा के पास महिला एवं बाल विकास विभाग भी है। उन्होंने भुवनेश्वर में स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (एसआईडब्ल्यूसी) कैंपस में सीडब्ल्यूसी के नए सदस्यों के दूसरे बैच के लिए पांच दिन के ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन के मौके पर बोल रही थीं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोग्राम के तहत 27 जिलों के 58 सीडब्ल्यूसी सदस्य ट्रेनिंग लेंगे। लोगों को संबोधित करते हुए परिदा ने हर बच्चे के लिए सुरक्षित और अच्छा माहौल बनाने के सरकार के संकल्प को दोहराया।
उन्होंने बच्चों के अधिकारों, सम्मान और भलाई की रक्षा के लिए सभी संबंधित लोगों की मिली-जुली और सहानुभूतिपूर्ण कोशिशों के महत्व पर जोर दिया।
सदस्यों से अपनी जिम्मेदारियां संवेदनशीलता, लगन और सहानुभूति के साथ निभाने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि हर कार्रवाई के केंद्र में 'बच्चे के सर्वोत्तम हित' ही होना चाहिए।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने नए शामिल हुए सदस्यों से बातचीत की और बच्चों से जुड़े मामलों में उनके जमीनी स्तर के अनुभवों, चुनौतियों और नजरिए को सीधे तौर पर समझने की कोशिश की।
पहले बैच में 78 नए नियुक्त सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई, ताकि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाने के लिए जरूरी जानकारी, कौशल और समझ मिल सके।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मकसद सीडब्ल्यूसी सदस्यों की क्षमता को मजबूत करना और बच्चों की सुरक्षा के तरीकों, कानूनी जिम्मेदारियों और बच्चों के कल्याण के उपायों को असरदार ढंग से लागू करने के बारे में उनकी समझ को बेहतर बनाना है।
यह ट्रेनिंग देखभाल और सुरक्षा की जरूरत वाले बच्चों के प्रति बच्चों के अनुकूल, अधिकारों पर आधारित और संवेदनशील रवैये को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।
--आईएएनएस
एमएस/
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