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अंगद वीर सिंह बाजवा: भारत छोड़ कनाडा के लिए क्यों निशानेबाजी करेंगे?

नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। 2019 एशियन शूटिंग (निशानेबाजी) चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले अंगद वीर सिंह बाजवा अब भारत की जगह अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कनाडा के लिए खेलते हुए नजर आएंगे। अंगद ने खुद ही सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। 2019 एशियन शूटिंग (निशानेबाजी) चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले अंगद वीर सिंह बाजवा अब भारत की जगह अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कनाडा के लिए खेलते हुए नजर आएंगे। अंगद ने खुद ही सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की।

अंगद वीर सिंह बाजवा को नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) से आधिकारिक तौर पर नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिल गई है। अब वे बिना किसी रुकावट के कनाडा की तरफ से खेल सकते हैं।

भारतीय घरेलू सर्किट और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अंगद वीर सिंह बाजवा को लगातार मौके मिल रहे थे। फिर, अंगद ने भारत की जगह कनाडा की तरफ से खेलने का फैसला क्यों किया? इसे लेकर उन्होंने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। माना जा रहा है कि अपने पारिवारिक हालात की वजह से वह कनाडा शिफ्ट हो गए हैं। दरअसल, उनका परिवार कनाडा में सेटल है। उनके पिता गुरपाल कनाडा में हॉस्पिटैलिटी के बिजनेस में हैं। इस वजह से कनाडा जाने का अंगद का फैसला पेशेवर जिंदगी में भविष्य को देखते हुए लिया गया है। यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। बाजवा ने लगभग पांच साल पहले नेशनैलिटी बदलने के बारे में सोचा था।

अंगद वीर सिंह बाजवा भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार खेल रहे थे। पिछली बार उन्होंने नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 68वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया था, और पुरुषों के स्कीट फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे।

एनआरएआई के सचिव जनरल पवन सिंह के मुताबिक, "हमें एनओसी के लिए उनका आवेदन मिला था। हम उन्हें रोक नहीं सकते क्योंकि इस देश में पसंद की आजादी है। हमने उन्हें एनओसी जारी कर दिया है। उनका जाना फेडरेशन और देश, दोनों के लिए एक बड़ा नुकसान है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, हम उन्हें जाने से किसी भी तरह नहीं रोक सकते थे। हमारे देश में उनके नुकसान से उबरने के लिए प्रतिभा है।"

2013 में प्रतियोगी शूटिंग शुरू करने वाले बाजवा ने कुवैत सिटी में 2015 की एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में जूनियर व्यक्तिगत और टीम गोल्ड मेडल जीते। उनकी सबसे बड़ी कामयाबी 2018 में मिली जब उन्होंने एशियन शॉटगन चैंपियनशिप के फाइनल में परफेक्ट 60/60 के साथ सीनियर गोल्ड जीता। यह पुरुषों की स्कीट में भारत का पहला कॉन्टिनेंटल गोल्ड मेडल था।

2019 में, बाजवा ने अपना एशियन टाइटल बचाया और लगातार दो कॉन्टिनेंटल गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय शॉटगन शूटर बने। इस नतीजे से भारत को टोक्यो 2020 के लिए ओलंपिक कोटा भी मिला। क्वालिफिकेशन में 120/125 स्कोर करने के बाद वह गेम्स में 18वें स्थान पर रहे। बाजवा ने एशियन गेम्स 2023 में पुरुष टीम का कांस्य पदक जीता था।

--आईएएनएस

पीएके

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