
मैहर. विश्वविख्यात संगीत साधक एवं पद्म श्री बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ की पुण्यतिथि पर मैहर बैंड के कलाकारों ने मैहर स्थित बाबा के मदीना भवन एवं मजार पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. कलाकारों द्वारा मजार पर पुष्प अर्पित कर धूप-बत्ती जलाई गई तथा पुष्पांजलि अर्पित कर बाबा की स्मृति को नमन किया गया.
इस अवसर पर मैहर बैंड के कलाकारों ने बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ के स्वयं निर्मित नल तरंग वाद्य से उनकी प्रिय धुन प्रस्तुत कर संगीतमय श्रद्धांजलि दी. बाबा द्वारा निर्मित यह अनूठा वाद्य उनकी रचनात्मकता और संगीत साधना का अद्भुत उदाहरण है. बताया गया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बेकार पड़ी बंदूकों की नलियों से बाबा ने नल तरंग का निर्माण किया था. यह वाद्य आज भी देश-विदेश के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा की संगीत विरासत को जीवंत बनाए हुए है.श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मैहर बैंड के कलाकारों ने सहभागिता की.
कलाकारों ने कहा कि बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ की संगीत साधना, अनुशासन और समर्पण भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के लिए अमूल्य धरोहर है. मैहर घराने की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाना ही बाबा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है.
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