इटानगर, 25 जून (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने गुरुवार को मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सफलता के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है।
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इटानगर, 25 जून (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने गुरुवार को मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सफलता के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है।
विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया में भाग लेते हुए राज्यपाल ने राज्य की प्रथम महिला, अनाघा परनाइक के साथ गुरुवार को इटानगर के लोक भवन में अपने गणना प्रपत्र भरे।
गणना का कार्य पापुम पारे के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), युपिया, लोबसांग त्सेरिंग और 13-इटानगर (एसटी) विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), दानी रिकांग द्वारा भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के तहत किया गया।
स्वयं इस अभ्यास में भाग लेकर परनाइक ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र नागरिक की सक्रिय भागीदारी और यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि चुनावी रिकॉर्ड सटीक, अपडेट और समावेशी बने रहें।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की सफलता के लिए जनभागीदारी अपरिहार्य है और उन्होंने दोहराया कि प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह देश के लोकतांत्रिक ढांचे को सुदृढ़ करने में योगदान दे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियां मात्र प्रशासनिक अभिलेख नहीं हैं, बल्कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की नींव हैं, जो एक जीवंत लोकतंत्र का आधार हैं।
अरुणाचल प्रदेश की जनता से अपील करते हुए राज्यपाल ने सभी पात्र नागरिकों से विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, जो 15 जून से राज्य भर में शुरू हुआ और 14 जुलाई, 2026 तक चलेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अरुणाचल प्रदेश की जनता एसआईआर को सफलतापूर्वक संपन्न करने और राज्य में सहभागी लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
राज्यपाल ने निवासियों से घर-घर जाकर मतदान करने वाले बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ पूर्ण सहयोग करने और संशोधन प्रक्रिया के लिए आवश्यक जानकारी और सहायक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
उन्होंने युवा मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से विशेष रूप से आगे आने, अपने विवरण सत्यापित करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि उनके नाम मतदाता सूची में सही ढंग से दर्ज हों, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी आवाज का उचित प्रतिनिधित्व हो सके।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी से चुनावी अभिलेखों की सत्यनिष्ठा और सटीकता बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे चुनावी प्रणाली में जनता का विश्वास मजबूत होगा।
इस बीच, युपिया के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी, लोबसांग त्सेरिंग ने बताया कि मतदाता सूची का मसौदा संशोधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 21 जुलाई, 2026 को प्रकाशित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के बाद, यदि कोई आपत्ति या दावा हो, तो उसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकता है।
--आईएएनएस
एमएस/
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