गुवाहाटी, 16 मई (आईएएनएस)। असम विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) असम की वेबसाइट और उससे जुड़ी हेल्पलाइन सेवाओं में गंभीर खामियों का आरोप लगाया है। उन्होंने व्यवस्था को “बेहद गैर-पेशेवर” और अस्वीकार्य बताया।
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गुवाहाटी, 16 मई (आईएएनएस)। असम विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) असम की वेबसाइट और उससे जुड़ी हेल्पलाइन सेवाओं में गंभीर खामियों का आरोप लगाया है। उन्होंने व्यवस्था को “बेहद गैर-पेशेवर” और अस्वीकार्य बताया।
शनिवार को मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में सैकिया ने कहा कि जब उन्होंने एनआरसी पोर्टल के “नो योर एआरएन” सेक्शन के जरिए अपनी जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की, तो उन्हें कई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ा।
सैकिया के अनुसार, वेबसाइट पर सहायता के लिए राज्य हेल्पलाइन नंबर 15107 पर संपर्क करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने असम के बाहर पंजीकृत सिम कार्ड से बाहरी कॉलर्स के लिए जारी टोल-फ्री नंबर पर संपर्क किया, तो कॉल शिलांग के एक पशु चिकित्सालय में ट्रांसफर हो गई।
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके सैकिया ने सवाल उठाया कि एनआरसी अपडेट प्रक्रिया पर “भारी सार्वजनिक खर्च” किए जाने के बावजूद बुनियादी डिजिटल ढांचा और टेलीफोन सहायता प्रणाली सही तरीके से काम क्यों नहीं कर रही है।
उन्होंने पत्र में कहा कि एनआरसी प्रक्रिया पर 1,600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद वेबसाइट और हेल्पलाइन जैसी मूलभूत सेवाएं सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि असम के लोगों को कानूनी और प्रशासनिक जरूरतों के लिए अक्सर एनआरसी दस्तावेजों और संबंधित आंकड़ों की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में नागरिकों को अपनी जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।
एनआरसी पोर्टल की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए सैकिया ने सवाल किया कि क्या राज्य सरकार ने वेबसाइट और हेल्पलाइन की “उपेक्षित स्थिति” के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से एनआरसी के महत्व को खत्म कर दिया है।
उन्होंने मुख्य सचिव से मामले की तत्काल जांच कराने, एनआरसी वेबसाइट को फिर से सुचारु करने, हेल्पलाइन प्रणाली को दुरुस्त करने और नागरिकों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
--आईएएनएस
डीएससी
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