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असम में बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की राजनीति करने वाली कांग्रेस की हार हुई: जगदंबिका पाल


लखनऊ, 12 मई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने हिमंता बिस्वा सरमा के मुख्यमंत्री के रूप में पुनः शपथ लेने और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 24 घंटों में दूसरी बार सार्वजनिक रूप से की गई अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

लखनऊ, 12 मई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने हिमंता बिस्वा सरमा के मुख्यमंत्री के रूप में पुनः शपथ लेने और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 24 घंटों में दूसरी बार सार्वजनिक रूप से की गई अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि असम में दूसरी बार लगातार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी है। ये निश्चित तौर पर वहां की जनता का प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भरोसा है। हिमंता बिस्वा सरमा ने पांच साल डबल इंजन की अच्छी सरकार चलाई। पिछले दिनों लोकसभा का जो विशेष सत्र चला, जिसमें नारी वंदन अधिनियम का संशोधन आया था, कांग्रेस और सपा समेत सभी विपक्षी दलों ने उसका विरोध किया। यह उसका ही परिणाम है कि देश की महिलाओं ने अधिनियम का विरोध करने वाले दलों का विरोध किया और लाइन लगाकर भारतीय जनता पार्टी को वोट किया। असम में बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की राजनीति करने वाली कांग्रेस की हार हुई है।

प्रधानमंत्री की देशवासियों से अपील पर उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां ईरान और इजरायल युद्द के बाद भी तेल के दाम नहीं बढ़े हैं। जबकि हमारे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। दोनों देशों में युद्ध विराम टूटने की अटकलों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने सावधानी की बात कही है। हमें अपना विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रखना है। क्योंकि हमें सोने और तेल के बदले डॉलर के रूप में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। ज्यादा डॉलर खर्च करने से रुपया कमजोर होता है। इसलिए प्रधानमंत्री ने रुपए को मजबूत करने के लिए डॉलर को कम से कम खर्च करने की अपील की है।

वहीं, राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लगभग 9-10 दिन हो गए हैं; जब यह मीडिया में आ गया, तब सरकार को मजबूरन इस परीक्षा को रद्द करना पड़ा। सवाल यह उठता है कि 22-23 लाख बच्चों ने कितनी मेहनत से एग्जाम की तैयारी की और उनके माता-पिता ने अपना पेट काटकर अपने बच्चों को बढ़ाया। सबसे बड़ी बात यह है कि जिन बच्चों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से यह परीक्षा दी, उनका क्या होगा। जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनी थी, तब कहा गया था कि हम परीक्षाओं के लिए एक फूलप्रूफ इंतजाम कर रहे हैं। एनटीए लगातार एक्सपोज हो रहा है। यह पहली बार नहीं है; इससे पहले जब यह लीक हुआ, उस जांच का कोई परिणाम नहीं आया, किसी को दंडित नहीं किया गया, किसी को उदाहरण नहीं बनाया गया। जब यह पेपर धड़ल्ले से बिक रहा है, लगता है इसका कोई बहुत बड़ा माफिया है।

इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच अब सीबीआई करेगी। लेकिन सीबीआई तो राजनीतिक मामलों की जांच में फंसी है, ऐसे में जांच एजेंसी को फुर्सत नहीं है। इसकी एक जूडिशियल जांच करानी चाहिए और जांच पूरी करने और रिपोर्ट सबमिट करने के लिए डेडलाइन दी जानी चाहिए।

कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एमसी सुधाकर ने नीट परीक्षा रद्द होने और सीबीआई जांच पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। टेस्टिंग एजेंसी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एनटीए की विश्वसनीयता भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में मेहनती और ईमानदार बच्चों का सबसे ज्यादा नुकसान होता है। इसके साथ ही एक ही एग्जाम को बार-बार कराना भी आसान काम नहीं है।

--आईएएनएस

एमएस/

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