
रीवा में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बैंक से 166.83 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद बियर बार संचालक लाल बहादुर सिंह, उनके पुत्र चंद्रमान सिंह और मेसर्स सिंह एंड कंपनी के प्रोपाइटर के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने केनरा बैंक से लिया गया लोन वसूलने के बजाय गिरवी रखी संपत्तियों को बैंक को बताए बिना बेच दिया और बदल दिया।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, साल 2013 में आरोपियों ने केनरा बैंक रीवा शाखा से हाउसिंग और कमर्शियल लोन के रूप में करीब 58 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इसके बदले आरोपियों ने रीवा के कालीनी पड़ाव क्षेत्र में स्थित मकान सहित कुल चार संपत्तियां बैंक के पास बंधक रखीं।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने दो मकान बेच दिए और एक दुकान का स्वरूप बदल दिया, जिससे बैंक के पास गिरवी रखी संपत्तियों का मूल्य प्रभावित हुआ और बैंक अपनी बकाया राशि वसूल नहीं कर सका। समय पर कर्ज न चुकाने और संपत्तियों में अवैध परिवर्तन के चलते बैंक को कुल 166.83 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ।
बैंक की शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और संपत्तियों से जुड़े कागजातों का सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आईपीसी की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका व अन्य संभावित लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
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