
बेंगलुरु: भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) के बेंगलुरु स्थित 'उपग्रह एकीकरण और परीक्षण प्रतिष्ठान' (ISITE) परिसर की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। कार्तिक नगर स्थित इस बेहद संवेदनशील केंद्र के ऊपर एक अज्ञात ड्रोन को उड़ते हुए देखा गया। गौरतलब है कि यह पूरा क्षेत्र आधिकारिक तौर पर 'नो-ड्रोन ज़ोन' (No-Drone Zone) घोषित है, जहाँ किसी भी निजी ड्रोन या फ्लाइंग ऑब्जेक्ट का उड़ना सख्त वर्जित है। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच तेज कर दी गई है।
10 से 12 सेकंड तक परिसर के ऊपर मंडराया ड्रोन एचएएल (HAL) पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, यह घटना 2 मई 2026 की सुबह की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन सुबह 8:00 बजे से 8:25 बजे के बीच सक्रिय था और ठीक 8:16 बजे इसे परिसर के ठीक ऊपर देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि ड्रोन जमीन से लगभग 80 से 100 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। यह करीब 10 से 12 सेकंड तक इसरो परिसर के ऊपर मंडराता रहा और फिर अचानक आंखों से ओझल हो गया।
CISF ने दर्ज कराई FIR, पुलिस जांच में जुटी इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के मामले में औपचारिक शिकायत इसरो इकाई में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के उप-निरीक्षक सतीश कुमार ने दर्ज कराई है। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि ड्रोन के संचालक और उसके उड़ान भरने के स्थान का पता लगाया जा सके। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि यह किसी की लापरवाही थी या इसके पीछे कोई संदिग्ध मंशा।
ISITE परिसर की अहमियत बता दें कि इसरो का ISITE परिसर भारत के उपग्रह कार्यक्रमों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ उन्नत उपग्रहों का एकीकरण (Assembly) और अंतरिक्ष में भेजने से पहले उनका कड़ा परीक्षण किया जाता है। ऐसे में 'नो-ड्रोन ज़ोन' में इस तरह की गतिविधि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। बेंगलुरु पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने से बचें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Leave A Reviews