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भागलपुर : बीएयू में 10 दिवसीय राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप का समापन, छात्रों ने सीखी आधुनिक मृदा परीक्षण तकनीकें


भागलपुर, 20 जून (आईएएनएस)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में 'सॉइल डिटेक्टिव: व्यावहारिक प्रयोगशाला कौशल और मृदा विश्लेषण प्रशिक्षण' विषय पर आयोजित 10 दिवसीय राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि और मृदा विज्ञान से जुड़े स्नातक छात्रों को आधुनिक मृदा विश्लेषण तकनीकों तथा प्रयोगशाला-आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।

भागलपुर, 20 जून (आईएएनएस)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में 'सॉइल डिटेक्टिव: व्यावहारिक प्रयोगशाला कौशल और मृदा विश्लेषण प्रशिक्षण' विषय पर आयोजित 10 दिवसीय राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि और मृदा विज्ञान से जुड़े स्नातक छात्रों को आधुनिक मृदा विश्लेषण तकनीकों तथा प्रयोगशाला-आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।

यह इंटर्नशिप कार्यक्रम सबौर कंसल्टेंसी सर्विसेज (सबकॉन्स) के तत्वावधान में विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग के सहयोग से 10 से 19 जून तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए कुल 22 छात्रों ने भाग लिया। इनमें संदीप विश्वविद्यालय, मधुबनी; श्री श्री विश्वविद्यालय, कटक; पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर और उषा मार्टिन विश्वविद्यालय, रांची के छात्र शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मृदा नमूना संग्रहण, मृदा उर्वरता मूल्यांकन, मृदा परीक्षण रिपोर्टों की व्याख्या, पोषक तत्वों की पहचान, प्रयोगशाला सुरक्षा मानकों और उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों के संचालन का गहन प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण में सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक सत्र, विशेषज्ञों के व्याख्यान और क्षेत्रीय प्रदर्शन भी शामिल रहे, जिससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ।

इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों ने कृषि अनुसंधान, विस्तार सेवाओं और सतत भूमि प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कौशल विकसित किए। प्रतिभागियों ने आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों और नवीनतम मृदा परीक्षण तकनीकों के साथ कार्य करने के अवसर को अत्यंत उपयोगी बताया। उनका कहना था कि यह प्रशिक्षण पारंपरिक कक्षा शिक्षण से अलग एक समृद्ध और व्यावहारिक अनुभव साबित हुआ।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीआर. सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों का समाधान केवल वैज्ञानिक सोच और तकनीकी दक्षता से ही संभव है।

उन्होंने छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षा के महत्व को समझने और कृषि नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का समन्वयन सबकॉन्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अंशुमान कोहली ने किया, जबकि डॉ. सोनल कुमारी ने आयोजन सचिव के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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